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पञ्चरात्रागम (वैष्णव) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
आगम

पञ्चरात्रागम

Pancharatragama
0 कुल अध्याय
48 पठन
hi भाषा
420 पृष्ठ

विष्णु के पाँच रूपों का सिद्धान्त।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

पञ्चरात्रागम वैष्णव आगम है, जो विष्णु-उपासना, मन्दिर-स्थापना और भक्ति-साधना का प्रतिपादन करता है।
पञ्चरात्रागम – वैष्णव आगमों का संग्रह।

पञ्चरात्रागम वैष्णव आगमों का एक प्रमुख समूह है, जो भगवान विष्णु की उपासना, मन्दिर-निर्माण, पूजा-विधि, और दीक्षा-प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन करता है। यह आगम श्रीवैष्णव सम्प्रदाय का आधार है।

इसमें भगवान के पाँच रूपों (पर, व्यूह, विभव, अन्तर्यामिन, अर्चा) का सिद्धान्त प्रतिपादित किया गया है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
पञ्चरात्रागम (वैष्णव) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
पञ्चरात्रागम
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Pancharatragama
श्रेणी (Category)
आगम
पृष्ठ संख्या (Pages)
420 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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