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पाशुपतब्रह्मोपनिषद् (Pashupata Brahma Upanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

पाशुपतब्रह्मोपनिषद्

Pashupata Brahma Upanishad
0 कुल अध्याय
49 पठन
hi भाषा
80 पृष्ठ

पशुपति शिव का दर्शन।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

अथर्ववेदीय शैव उपनिषद, पशुपति शिव का स्वरूप और ब्रह्मत्व।
पाशुपतब्रह्मोपनिषद् – शिव और ब्रह्म की अभिन्नता।

पाशुपतब्रह्मोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध एक शैव उपनिषद है। यह पशुपति (शिव) के स्वरूप, पाशुपत व्रत, और ब्रह्म के साथ उनकी अभिन्नता का वर्णन करती है। इसमें शिव को परब्रह्म, सृष्टि का कारण और उपासना का केन्द्र बताया गया है।

यह उपनिषद् शैव दर्शन और पाशुपत योग के रहस्यों को प्रकट करती है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
पाशुपतब्रह्मोपनिषद् (Pashupata Brahma Upanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
पाशुपतब्रह्मोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Pashupata Brahma Upanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
80 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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