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पुरुषसूक्त (Purusha Sukta) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
सूक्त

पुरुषसूक्त

Purusha Sukta
0 कुल अध्याय
74 पठन
hi भाषा
40 पृष्ठ

पुरुषसूक्त में विराट पुरुष की महिमा।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

ऋग्वेदीय सूक्त, विराट पुरुष, सृष्टि रचना, वर्ण व्यवस्था।
पुरुषसूक्त – वैदिक सृष्टि-रचना का सूक्त।

पुरुषसूक्त ऋग्वेद के १०वें मण्डल का एक महत्वपूर्ण सूक्त है। इसमें विराट पुरुष (ब्रह्म) के स्वरूप, उससे सृष्टि की उत्पत्ति, और चारों वर्णों के उद्भव का वर्णन है।

यह सूक्त वैदिक यज्ञों और उपासना में विशेष रूप से प्रयुक्त होता है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
पुरुषसूक्त (Purusha Sukta) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
पुरुषसूक्त
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Purusha Sukta
श्रेणी (Category)
सूक्त
पृष्ठ संख्या (Pages)
40 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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