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रुद्राक्षजाबालोपनिषद् – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

रुद्राक्षजाबालोपनिषद्

Rudrakshajabalopanishad
0 कुल अध्याय
73 पठन
hi भाषा
70 पृष्ठ

रुद्राक्ष धारण का आध्यात्मिक महत्व।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

रुद्राक्षजाबालोपनिषद् रुद्राक्ष के महात्म्य, उत्पत्ति और धारण विधि पर आधारित है।
रुद्राक्ष – उत्पत्ति, प्रकार, धारण विधि।

रुद्राक्षजाबालोपनिषद् अथर्ववेद से संबद्ध एक उपनिषद है, जो रुद्राक्ष की उत्पत्ति, उसके प्रकार, धारण विधि, और उससे होने वाले आध्यात्मिक लाभों का विस्तृत वर्णन करती है।

इसमें बताया गया है कि रुद्राक्ष धारण करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और शिव-सायुज्य की प्राप्ति होती है। यह उपनिषद् शैव साधकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
रुद्राक्षजाबालोपनिषद् – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
रुद्राक्षजाबालोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Rudrakshajabalopanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
70 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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