ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
संतानागम शैव आगम है, जिसमें गुरु-शिष्य परम्परा, दीक्षा और आचार-संहिता का वर्णन है।
संतानागम – गुरु-शिष्य परम्परा का आगम।
संतानागम शैव आगमों में से एक है, जो परम्परा (संतान) और गुरु-शिष्य परम्परा के नियमों पर विशेष रूप से प्रकाश डालता है। इसमें दीक्षा-विधि, आचार-संहिता, और आध्यात्मिक उत्तराधिकार का विवरण है।
यह आगम शैव सिद्धान्त में गुरु-शिष्य सम्बन्धों के लिए प्रामाणिक माना जाता है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
संतानागम – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
संतानागम
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Samtanagama
श्रेणी (Category)
आगम
पृष्ठ संख्या (Pages)
175 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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