भक्तिलोक ग्रंथालय
स
सर्वोक्तागम – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
आगम

सर्वोक्तागम

Sarvoktagama
0 कुल अध्याय
48 पठन
hi भाषा
360 पृष्ठ

योग, ज्ञान, क्रिया – तीनों का समन्वय।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

सर्वोक्तागम शैव आगम है, जो शैव धर्म के समस्त विधानों, योग, ज्ञान और क्रिया का संग्रह है।
सर्वोक्तागम – समस्त शैव-विधानों का संग्रह।

सर्वोक्तागम शैव आगमों में से एक व्यापक ग्रन्थ है, जो सभी प्रकार के शैव-विधानों, योग, ज्ञान और क्रिया का समन्वय प्रस्तुत करता है। "सर्वोक्त" का अर्थ है सब कुछ कहा गया, इसलिए इसे सर्वांगीण आगम माना जाता है।

इसमें तन्त्र, मन्त्र, यन्त्र, पूजा-पद्धति और दर्शन के सभी पक्षों का विस्तृत विवेचन है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
सर्वोक्तागम – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
सर्वोक्तागम
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Sarvoktagama
श्रेणी (Category)
आगम
पृष्ठ संख्या (Pages)
360 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।