ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
सूरसागर सूरदास का महाकाव्य है, जो श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और वात्सल्य-भक्ति का उत्कृष्ट ग्रन्थ है।
सूरसागर – वात्सल्य रस का सागर।
सूरसागर महाकवि सूरदास द्वारा रचित भक्ति-काव्य का विशाल ग्रन्थ है। इसमें मुख्यतः बाल-लीला, विरह, और श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं का वर्णन है। सूरदास की वाणी वात्सल्य रस की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है।
इस संकलन में सूरसागर के प्रसिद्ध पदों का समावेश है, जो सरल भाषा में भक्ति-भावना को चरमसीमा तक ले जाते हैं।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
सूरसागर (सूरदास) – संकलन
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
सूरसागर
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Sur Sagar
श्रेणी (Category)
भक्ति
पृष्ठ संख्या (Pages)
560 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
11 August 2026
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