ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
शाक्त तंत्र, श्रीविद्या साधना, मंत्र-यंत्र-दीक्षा का समग्र विवरण।
तन्त्रराज तन्त्र – तंत्रों का शिरोमणि।
तन्त्रराज तन्त्र शाक्त तांत्रिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसे "तन्त्रों का राजा" माना जाता है। इसमें देवी साधना, मंत्र-यंत्र, दीक्षा, और तांत्रिक दर्शन का विस्तृत विवेचन है।
यह ग्रंथ विशेष रूप से श्रीविद्या परंपरा से जुड़ा है और इसमें पूजा-पद्धति, हवन, और साधना के नियमों का उल्लेख है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
तन्त्रराज तन्त्र (Tantraraja Tantra) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
तन्त्रराज तन्त्र
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Tantraraja Tantra
श्रेणी (Category)
तंत्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
680 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
11 August 2026
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