ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
वैशेषिकसूत्र महर्षि कणाद द्वारा रचित वैशेषिक दर्शन का मूल ग्रंथ है। यह दर्शन पदार्थों के वर्गीकरण, परमाणुवाद, और भौतिक जगत के सूक्ष्म विश्लेषण पर केंद्रित है। वैशेषिकसूत्र में दस अध्याय हैं, जिनमें कुल ३७० सूत्र हैं।
वैशेषिक दर्शन के अनुसार सात पदार्थ हैं – द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष, समवाय, अभाव। द्रव्य नौ प्रकार के होते हैं – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, काल, दिक्, आत्मा, मन। इस दर्शन में परमाणु सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया है, जिसके अनुसार सभी भौतिक पदार्थ अविभाज्य परमाणुओं के संयोग से बनते हैं।
वैशेषिकसूत्र ने भारतीय वैज्ञानिक चिंतन की नींव रखी। इसके सिद्धांतों का विकास बाद में न्याय दर्शन के साथ समन्वय में हुआ।
प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल सूत्रों के साथ सरल भाषा में व्याख्या दी गई है। यह ग्रंथ दर्शनशास्त्र, विज्ञान के इतिहास, और भारतीय तत्वमीमांसा के अध्ययन के लिए उपयोगी है।