भक्तिलोक ग्रंथालय
व
वैशेषिकसूत्र (कणाद) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
दर्शन

वैशेषिकसूत्र

Vaisheshika Sutras
0 कुल अध्याय
61 पठन
hi भाषा
380 पृष्ठ

वैशेषिकसूत्र के अनुसार जगत परमाणुओं से बना है।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

वैशेषिकसूत्र कणाद का दार्शनिक ग्रंथ है। इसमें सात पदार्थों, नौ द्रव्यों और परमाणु सिद्धांत का वर्णन है।
वैशेषिकसूत्र में द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष, समवाय, अभाव का विश्लेषण है।

वैशेषिकसूत्र महर्षि कणाद द्वारा रचित वैशेषिक दर्शन का मूल ग्रंथ है। यह दर्शन पदार्थों के वर्गीकरण, परमाणुवाद, और भौतिक जगत के सूक्ष्म विश्लेषण पर केंद्रित है। वैशेषिकसूत्र में दस अध्याय हैं, जिनमें कुल ३७० सूत्र हैं।

वैशेषिक दर्शन के अनुसार सात पदार्थ हैं – द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष, समवाय, अभाव। द्रव्य नौ प्रकार के होते हैं – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, काल, दिक्, आत्मा, मन। इस दर्शन में परमाणु सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया है, जिसके अनुसार सभी भौतिक पदार्थ अविभाज्य परमाणुओं के संयोग से बनते हैं।

वैशेषिकसूत्र ने भारतीय वैज्ञानिक चिंतन की नींव रखी। इसके सिद्धांतों का विकास बाद में न्याय दर्शन के साथ समन्वय में हुआ।

प्रस्तुत हिंदी अनुवाद में मूल सूत्रों के साथ सरल भाषा में व्याख्या दी गई है। यह ग्रंथ दर्शनशास्त्र, विज्ञान के इतिहास, और भारतीय तत्वमीमांसा के अध्ययन के लिए उपयोगी है।

सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लोकप्रिय अध्याय (Top 20 Chapters)

लोकप्रिय अध्यायों की सूची उपलब्ध नहीं है।

ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
वैशेषिकसूत्र (कणाद) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
वैशेषिकसूत्र
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Vaisheshika Sutras
श्रेणी (Category)
दर्शन
पृष्ठ संख्या (Pages)
380 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

सभी अध्याय सूची (All Chapters Directory)

अध्याय अभी संकलित किए जा रहे हैं।