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वाराहोपनिषद् (Varahopanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

वाराहोपनिषद्

Varahopanishad
0 कुल अध्याय
63 पठन
hi भाषा
100 पृष्ठ

योग और आत्मज्ञान की उपनिषद।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

वाराहोपनिषद् योगोपनिषद है। इसमें योग, आत्मज्ञान, और मोक्ष का वर्णन है।
वाराहोपनिषद् में समाधि और वैराग्य का उपदेश है।

वाराहोपनिषद् एक योगोपनिषद है जो भगवान वाराह (विष्णु के वराह अवतार) से संबंधित है। इसमें योग, तप, और मोक्ष के उपाय बताए गए हैं। यह उपनिषद रिबु और निदाघ के संवाद के रूप में है, जिसमें आत्मज्ञान और वैराग्य का उपदेश दिया गया है।

इसमें प्राणायाम, ध्यान, और समाधि की विधियाँ विस्तार से दी गई हैं। वाराहोपनिषद् योग साधकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
वाराहोपनिषद् (Varahopanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
वाराहोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Varahopanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
100 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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