ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
व्यास का योगसूत्र पर भाष्य।
व्यास का योगभाष्य।
योगभाष्य महर्षि व्यास द्वारा रचित पतंजलि के योगसूत्र की सबसे प्राचीन और प्रामाणिक टीका है। यह योग दर्शन का आधारभूत ग्रंथ है।
इसमें योगसूत्रों का अर्थ, अष्टांग योग, समाधि, साधन, क्लेश, कर्माशय, विवेकख्याति और कैवल्य का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह योग के सभी अध्येताओं के लिए अनिवार्य है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
योगभाष्य (Yoga Bhashya) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
योगभाष्य
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Yoga Bhashya
श्रेणी (Category)
योग
पृष्ठ संख्या (Pages)
420 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
10 August 2026
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