ग्रंथ परिचय (Book Introduction)
योगवशिष्ठ (तन्त्रपरक) – वाल्मीकि रामायण के योगवशिष्ठ का तांत्रिक व्याख्यान, मंत्र, यन्त्र, ध्यान।
योगवशिष्ठ (तन्त्रपरक) – तांत्रिक योग।
योगवशिष्ठ का तन्त्रपरक संस्करण वाल्मीकि रामायण के उत्तरकाण्ड में आने वाले योगवशिष्ठ ग्रंथ का तांत्रिक व्याख्यान है। इसमें वशिष्ठ द्वारा राम को दिए गए उपदेशों को तन्त्र दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ मंत्र, यन्त्र, ध्यान, और तांत्रिक साधना के माध्यम से आत्मज्ञान और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग दिखाता है।
इस संस्करण में योगवशिष्ठ के मूल सिद्धान्तों को तन्त्र के रहस्यों के साथ समन्वित किया गया है।
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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)
मूल शीर्षक (Original Title)
योगवशिष्ठ (तन्त्रपरक) – तांत्रिक संस्करण
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
योगवशिष्ठ (तन्त्रपरक)
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Yoga Vasishtha (Tantric Version)
श्रेणी (Category)
तन्त्र
पृष्ठ संख्या (Pages)
540 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
11 August 2026
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