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योगतत्त्वोपनिषद् (Yogatattvopanishad) – हिंदी अनुवाद
आध्यात्मिक ज्ञानपुंज
उपनिषद्

योगतत्त्वोपनिषद्

Yogatattvopanishad
0 कुल अध्याय
43 पठन
hi भाषा
115 पृष्ठ

योग के तत्त्वों को समझाने वाली उपनिषद।

ग्रंथ परिचय (Book Introduction)

योगतत्त्वोपनिषद् योग के मूल सिद्धांतों और चार प्रकारों (मंत्र, लय, हठ, राज) का वर्णन करती है।
योगतत्त्वोपनिषद् में योग के सभी अंगों का सार है।

योगतत्त्वोपनिषद् योग के तत्त्व (सिद्धांतों) को स्पष्ट करने वाली प्रमुख उपनिषद है। इसमें योग के चार प्रकार (मंत्र, लय, हठ, राज) का विस्तृत वर्णन है। यह उपनिषद योग के व्यावहारिक पहलुओं, जैसे आसन, प्राणायाम, ध्यान, और समाधि की अवस्थाओं को सरल भाषा में समझाती है।

इसमें बताया गया है कि कैसे योग साधना से शरीर, मन, और आत्मा का एकीकरण होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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ग्रंथ की संपूर्ण जानकारी (Book Specifications)

मूल शीर्षक (Original Title)
योगतत्त्वोपनिषद् (Yogatattvopanishad) – हिंदी अनुवाद
हिंदी शीर्षक (Hindi Title)
योगतत्त्वोपनिषद्
अंग्रेजी शीर्षक (English Title)
Yogatattvopanishad
श्रेणी (Category)
उपनिषद्
पृष्ठ संख्या (Pages)
115 पृष्ठ
अंतिम अद्यतन (Updated)
26 September 2026

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