देव-पुष्प शास्त्रीय डेटाबेस
भगवान शिव (Lord Shiva)
पुष्प तोड़ने व देव अर्पण के ५ शास्त्रीय नियम
देवताओं को फूल चढ़ाते समय श्रद्धा के साथ-साथ शुद्धता के नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के बाद पेड़-पौधे सो जाते हैं। इसलिए संध्या काल के उपरांत कभी भी पूजा के लिए फूल या पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए।
जमीन पर खुद गिरे हुए फूलों को कभी भी धोकर भगवान पर नहीं चढ़ाना चाहिए। बिना खिले हुए फूल (कली) और कीड़ों द्वारा खाए गए फूल वर्जित हैं। केवल बेलपत्र और तुलसी को धोकर दोबारा चढ़ाया जा सकता है।
पुष्प अर्पण शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
आगम संहिता व इतिहास संपादन
भक्तिलोक पुष्प विज्ञान पीठ (Bhaktilok Pushpa Research Wing)
शिव पुराण, विष्णु पुराण और देवी भागवत के पुष्पार्पण अध्यायों के श्लोकों का संकलन करने वाली विंग।
शास्त्र व अनुष्ठान समीक्षा
पं. रुद्रदत्त शास्त्री (Pt. Rudradatta Shastri)
वरिष्ठ अर्चक व शास्त्र व्याख्याता, वाराणसी मदन मोहन मन्दिर। ३२+ वर्षों का पूजा विधान संपादन व पुष्प महत्व व्याख्या अनुभव।
पुष्प नियम सत्यापित