द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा नियोजक
पश्चिम व मध्य सर्किट
| १. यात्रा मार्ग (Step-by-step Route): | 0 |
| २. अनुमानित दिन (Estimated Days): | 0 दिन |
| ३. यात्रा हेतु अनुकूल मौसम (Best Season): | 0 |
| ४. यात्रा पैकिंग / तैयारी सूची (Checklist): | 0 |
| शास्त्र संकल्प टिप: 0 | |
ज्योतिर्लिंग यात्रा संकल्प के ५ शास्त्रीय महा नियम
तीर्थयात्रा को मात्र एक पिकनिक या पर्यटन न समझें। पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु इन नियमों का पालन करें:
शिवपुराण के अनुसार, तीर्थ यात्रा के दिनों में जातक को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए, सात्विक भोजन करना चाहिए (लहसुन, प्याज व मद्य का पूर्ण निषेध) तथा संभव हो तो भूमि पर शयन (भूमि शय्या) करना चाहिए।
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग में गंगाजल चढ़ाने का विशेष फल है। इसी प्रकार, केदारनाथ से लाई गई मिट्टी और गंगाजल का अभिषेक रामेश्वरम में किया जाता है, जिससे संपूर्ण भारत की आध्यात्मिक एकता व यात्रा का संकल्प पूर्ण होता है।
यात्रा नियोजन शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
तीर्थ यात्रा भूगोल व ग्रन्थ संपादन
भक्तिलोक यात्रा नियोजन पीठ (Bhaktilok Yatra Desk)
आईआरसीटीसी (IRCTC) धार्मिक टूर पैकेज नियमों और शिवपुराण के यथार्थ यात्रा संकल्पों के अनुसार यात्रा चक्र नियोजित करने वाली विंग।
यात्रा व्यवस्था व सुरक्षा समीक्षा
पं. सोमेश्वर शास्त्री (Pt. Someshwar Shastri)
संयोजक, द्वादश ज्योतिर्लिंग पुरोहित संघ। ३०+ वर्षों का देशव्यापी ज्योतिर्लिंग तीर्थयात्री सुरक्षा, वास व सुगम दर्शन व्यवस्था समीक्षा अनुभव।
यात्रा मार्ग सत्यापित