मनका व माला चयन विनिर्देशन
रुद्राक्ष माला (Rudraksha Mala)
माला धारण व जप के ५ शास्त्रीय महा नियम
माला से जाप करते समय श्रद्धा के साथ-साथ शुद्धता के इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
जप करते समय तर्जनी उंगली (अंगूठे के पास वाली उंगली) का स्पर्श मनकों से बिल्कुल नहीं होना चाहिए। तर्जनी को अहंकार का सूचक माना गया है। जाप सदैव मध्यमा (Middle finger) और अंगूठे (Thumb) के मेल से ही किया जाता है।
जिस माला का उपयोग आप नित्य मंत्र जाप के लिए करते हैं, उसे गले में धारण नहीं करना चाहिए। जप की माला को सदा गोमुखी थैली में रखना चाहिए और धारण करने की माला अलग होनी चाहिए।
जप माला शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
मनका विज्ञान व ग्रन्थ मिलान
भक्तिलोक मनका विज्ञान शोध पीठ (Bhaktilok Bead Research Wing)
देवी भागवत पुराण, शिव पुराण के मणिकान्द्र अध्यायों के श्लोकों का संकलन करने वाली विंग।
कर्मकांड व माला संस्कार समीक्षा
पं. दामोदर शर्मा (Pt. Damodar Sharma)
वरिष्ठ कर्मकांड विभागाध्यक्ष, संस्कृत महाविद्यालय हरिद्वार। ३२+ वर्षों का जप दीक्षा व माला संस्कार संपादन अनुभव।
माला विनिर्देशन सत्यापित