सिंथेसाइज़्ड नाद ध्यान प्लेयर
बांसुरी यमन नाद
बंद हैतानपुरा षड्ज
बंद हैओम् १३६.१ Hz
बंद हैध्वनि नाद स्थिति
ध्यान नाद शुरू करने के लिए ऊपर दिए गए किसी भी ध्यान कार्ड पर क्लिक करें। यह ध्वनि आपके कंप्यूटर में वास्तविक समय (Real-time oscillator synthesis) में तरंगें उत्पन्न करेगी।
नाद योग व १३६.१ हर्ट्ज तरंग का वैज्ञानिक रहस्य
ध्वनि कंपन हमारे स्थूल और सूक्ष्म शरीर पर गहरा वैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं:
नासा (NASA) के खगोलविदों के अनुसार, जब पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर चक्कर काटने के समय अंतराल को सुर में परिवर्तित (octave translation) किया जाता है, तो इसकी आवृत्ति ठीक १३६.१ हर्ट्ज निकलती है। इसे सनातन में 'ॐ' (Pranava) की आदि ध्वनि कहा गया है। यह हृदय चक्र को सीधे जाग्रत करती है।
तानपुरा बजाने पर उत्पन्न होने वाली पांचवीं व चौथी आवृत्ति (harmonics) मस्तिष्क में एक अखंड चक्र बनाती हैं। यह गूंज हमारे विचारों की गति को धीमा करती है, जिससे ध्यान का काल बिना विक्षेप के स्वतः बढ़ने लगता है।
नाद ध्यान शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
नाद शास्त्र व संगीतिकी संपादन
भक्तिलोक नाद योग अनुसंधान केंद्र (Bhaktilok Sound Therapy Wing)
संगीत रत्नाकर, सामवेद संहिता और योग शिखोपनिषद के नाद बिंदु अध्यायों के संगीत सूत्रों के अनुसार स्वर संपादन करने वाली विंग।
साउंड थेरेपी व नाद चिकित्सा समीक्षा
डॉ. चिन्मय देव शर्मा (Dr. Chinmay Dev Sharma)
निदेशक, नाद योग हीलिंग सेंटर, ऋषिकेश। ३२+ वर्षों का प्राचीन राग चिकित्सा व ध्वनि ध्यान तरंग वैज्ञानिक प्रभाव समीक्षा अनुभव।
संगीत नाद सत्यापित