उत्सव मण्डप सज्जा विनिर्देशन
दीपावली लक्ष्मी वेदी
| १. प्राकृतिक सात्विक सामग्रियां (Materials): | गेंदे के ताजे फूल, आम के पत्ते, मिट्टी के दीये, कुमकुम रंगोली। |
| २. सर्वश्रेष्ठ वास्तु दिशा (Vastu Direction): | उत्तर-पूर्व (ईशान कोण)। |
| ३. मण्डप संरचना व सज्जा विधि (Setup Guide): | 0 |
| वास्तु सजावट सूत्र: 0 | |
वेदी और मण्डप स्थापना के ३ अनिवार्य वास्तु नियम
सजावट शुरू करने से पहले भगवान की चौकी स्थापित करते समय निम्नलिखित वास्तु नियमों का विशेष ध्यान रखें:
पूजा घर हमेशा घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा से दिव्य ब्रह्मांडीय तरंगें प्रवेश करती हैं। पूजा करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए, जिससे मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है।
अखंड ज्योति अथवा बड़े दीपक को हमेशा वेदी के दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा में रखना चाहिए क्योंकि यह अग्नि देव की दिशा है। कलश और जल पात्र को वेदी के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या उत्तर दिशा में स्थापित करना चाहिए जो जल तत्व की दिशा है।
पूजा सजावट शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
वास्तु व शिल्प शास्त्र संपादन
भक्तिलोक वास्तु शोध प्रभाग (Bhaktilok Vastu Desk)
समरांगण सूत्रधार, मयमतम् और विश्वकर्मा प्रकाश ग्रन्थों के स्थापत्य सूत्रों के अनुसार दिशा व वेदी निर्माण व्याख्या करने वाली विंग।
गृह मण्डप व शिल्प समीक्षा
आचार्य रामनरेश त्रिपाठी (Acharya Ramnaresh Tripathi)
महानिदेशक, काशी वास्तु सभा, वाराणसी। ३१+ वर्षों का पारम्परिक देव विग्रह सज्जा व मण्डप भू-संरेखण समीक्षा अनुभव।
सज्जा नियम सत्यापित