ऋतु अनुसार उपलब्ध पुष्प व विनिर्देशन
वसंत ऋतु पुष्प
| १. उपलब्ध मुख्य पुष्प (Available Flowers): | गेंदा, पलाश, गुलाब, चमेली। |
| २. प्रिय देव व पूजा पर्व (Occasions & Deities): | 0 |
| ३. शास्त्रों के अर्पण नियम (Offering Rules): | 0 |
| विशेष पुष्प शास्त्र निर्देश: 0 | |
पुष्प चुनने, तोड़ने व चढ़ाने के शास्त्रीय नियम
देवताओं को अर्पित किए जाने वाले पुष्पों की पवित्रता बनाए रखने के लिए शास्त्रों में इन नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है:
शास्त्रों के अनुसार, **चतुर्थी, अष्टमी, एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति** और **रविवार** के दिन तुलसी पत्र, बिल्वपत्र या देवताओं के फूलों को तोड़ना वर्जित माना गया है। इन दिनों पूजा हेतु एक दिन पूर्व ही फूल तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए।
१. जमीन पर गिरे हुए फूल (सिवाय पारिजात के), २. किसी के द्वारा सूंघे गए फूल, ३. कीड़े लगे या सड़े हुए फूल, ४. बाएं हाथ से तोड़े गए फूल, ५. प्लास्टिक या धातु के कृत्रिम फूल। इन सभी प्रकार के फूलों को विग्रह पर चढ़ाना पूर्णतः वर्जित है।
पुष्प अर्पण शंका समाधान (FAQs)
१. कमल का फूल (Lotus): इसे तीन दिनों तक बासी नहीं माना जाता और धोकर पुनः चढ़ाया जा सकता है।
२. बिल्वपत्र (Bael leaves) व तुलसीदल (Tulsi): ये कभी बासी नहीं होते। इन्हें धोकर बार-बार अर्पित किया जा सकता है।
३. चम्पा व पारिजात: इन्हें एक दिन पूर्व तोड़ा हुआ भी चढ़ाया जा सकता है।
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
वनस्पति व पुष्प शास्त्र संपादन
भक्तिलोक पुष्प विधि प्रभाग (Bhaktilok Pushpa Shastra Desk)
पद्म पुराण, शिव पुराण और वनस्पति कोश के सूत्रों के अनुसार ऋतु अनुसार पुष्प उपलब्धता संकलन करने वाली विंग।
वैदिक पुष्प अर्पण समीक्षा
आचार्य रमाकान्त शुक्ल (Acharya Ramakant Shukla)
संयोजक, श्री काशी विश्वानाथ पुष्प सेवा संघ। ३३+ वर्षों का शिव मन्दार अर्पण व देव पुष्प शुद्धि समीक्षा अनुभव।
पुष्प कैलेंडर सत्यापित