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एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स (Ekadantaya vakratundaya by Suprabha KV lyrics in Hindi)

148 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स (Ekadantaya vakratundaya by Suprabha KV lyrics in Hindi)


एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स (Ekadantaya vakratundaya by Suprabha KV lyrics in Hindi)


Singer: Suprabha KV

Video Credits

Direction: Akash Joshi

DOP : Tejus and Hari Prasad

Dancer: Udaya Shree

Video Production: www.digitalwavers.com

 

एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स (Ekadantaya vakratundaya by Suprabha KV lyrics in Hindi)


एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।

गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥


गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि ।

गुणशरीराय गुणमण्डिताय गुणेशानाय धीमहि ।

गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि ।

एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।

गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥


गानचतुराय गानप्राणाय गानान्तरात्मने ।

गानोत्सुकाय गानमत्ताय गानोत्सुकमनसे ।

गुरुपूजिताय गुरुदेवताय गुरुकुलस्थायिने ।

गुरुविक्रमाय गुह्यप्रवराय गुरवे गुणगुरवे ।

गुरुदैत्यगलच्छेत्रे गुरुधर्मसदाराध्याय ।

गुरुपुत्रपरित्रात्रे गुरुपाखण्डखण्डकाय ।

गीतसाराय गीततत्त्वाय गीतगोत्राय धीमहि ।

गूढगुल्फाय गन्धमत्ताय गोजयप्रदाय धीमहि ।

गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि ।

एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।

गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥


ग्रन्थगीताय ग्रन्थगेयाय ग्रन्थान्तरात्मने ।

गीतलीनाय गीताश्रयाय गीतवाद्यपटवे ।

गेयचरिताय गायकवराय गन्धर्वप्रियकृते ।

गायकाधीनविग्रहाय गङ्गाजलप्रणयवते ।

गौरीस्तनन्धयाय गौरीहृदयनन्दनाय ।

गौरभानुसुताय गौरीगणेश्वराय ।

गौरीप्रणयाय गौरीप्रवणाय गौरभावाय धीमहि ।

गोसहस्राय गोवर्धनाय गोपगोपाय धीमहि ।

गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि ।

एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।

गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥

 

🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स (Ekadantaya vakratundaya by Suprabha KV lyrics in Hindi)" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 19 Aug 2026

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