आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२३ PM | सूर्यास्त: ०५:४४ AM
hari bhajan

छठ घाट पर अंताक्षरी (ChhathGhat Par Antarixsh) - Om Prakash Akela Antra Singh Priyanka - Bhaktilok

65 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

छठ पर्व और भक्ति का अद्भुत संगम

इस भजन के माध्यम से छठ पर्व की महत्ता और सूर्य देवता की कृपा के लिए भक्तिभाव से गाने का आह्वान करें।

छठ घाट पर अंताक्षरी (ChhathGhat Par Antarixsh) - Om Prakash Akela Antra Singh Priyanka - Bhaktilokछठ घाट पर अंताक्षरी (ChhathGhat Par Antarixsh) - Om Prakash Akela (Buildrwa Ke Papa )► Album :- Chhat Ghat Par Antachhari►Song :- छठ घाट पर अंताक्षरी► Singer :- Om Prakash Akela (Buildrwa Ke Papa ) ► Lyrics :- Pintu Vidhyarthi► Music :- Dipak Dilkash► Video Director :- Aasish Ji ► Conceptualise :- Sugan kumar► Digital Managed By :- Anshu Pant► Label / Company :- Om Praksh Akela► Company Brand :- Om Prakash Akela► Trade Enquiry :- 7091705958► Stage Show Contact :- 6204022513► Have A Nice Day ► Thanks For Watching My Channel

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'छठ घाट पर अंताक्षरी' का मुख्य विषय छठ पूजा के दौरान सूर्य देव की आराधना और भारतीय संस्कृति में इस पर्व के महत्व को प्रस्तुत करना है। छठ एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व है, जो खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में धूमधाम से मनाया जाता है। भजन की पंक्तियाँ भक्तों को सूर्य देव के प्रति श्रद्धा और समर्पण की भावना को व्यक्त करने के लिए प्रेरित करती हैं। इस भजन में अंताक्षरी का खेल दर्शाने के माध्यम से भक्ति को हल्का और आनंददायक बनाने का प्रयास किया गया है। भक्तगण इस दौरान एक-दूसरे के साथ मिलकर भजन गाते हैं, जो एकता और सामूहिकता की भावना को प्रबल बनाता है। ऐसे में यह भजन सामाजिक विद्या और भक्ति के संगम का प्रतीक है।

भावार्थ की दृष्टि से, इस भजन का हर पाठ भक्त के हृदय में एक अद्भुत उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। जब भक्त एकत्र होकर अंताक्षरी खेलते हैं, तो यह न केवल मनोरंजन का साधन बनता है, बल्कि यह अद्वितीय भक्ति मार्ग का अनुभव भी कराता है। इस प्रकार के भजन समूह शक्ति का संचार करते हैं और लक्ष्मी, समृद्धि, और जीवन में सकारात्मकता को आकर्षित करते हैं। भक्त जब इन पंक्तियों का संग गाते हैं, तो उनका मन और आत्मा एक विशेष रूप से उच्च अवस्था में पहुँच जाती है, जिससे परस्पर प्रेम एवं सद्भावना जन्म लेती है। यह भजन भक्तों की सामूहिक भावना को अभिव्यक्त करता है, जो छठ पूजा के महत्वपूर्ण उद्देश्य को दर्शाता है।

इस भजन में छठ पूजा के पीछे छिपे धरम और तात्त्विक संदेशों पर भी प्रकाश डाला जाता है। यह भक्ति मार्ग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण अग्रगामी आवृति है, जिसमें साधक को अपने मन और आत्मा की बुनियादी धारणाओं को पुनः स्पष्ट करना होता है। इस संगीत में भक्ति, सेवा और आज्ञाकारिता की धारणा को गूढ़ता से समाहित किया गया है। छठ पर्व के दौरान साधक अपनी मूलभूत आवश्यकताओं से ऊपर जाकर, स्वार्थ को त्यागते हुए सूर्य देव की आराधना में लग जाते हैं। यह भावना भक्ति और तात्त्विक विद्या का अद्भुत मेल प्रस्तुत करती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

छठ पूजा का महत्व हिन्दू धर्म में खास तौर पर दर्शाया गया है, जहाँ इसे सूर्य देव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसे 'सूर्याष्टा' के नाम से भी जाना जाता है। पुराणों में बताया गया है कि सूर्य देव ही जीवन के दाता हैं, और उनकी उपासना से सभी प्रकार की सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। महाभारत में भी छठ पूजा का उल्लेख है, जहाँ इसे स्वस्थ जीवन और संतान सुख के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। देवी भागवत और अन्य शास्त्रों में छठ के दौरान किए जाने वाले उपवास और पूजा विधियों का विवरण मिलता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। छठ घाट पर अंताक्षरी के भजन का जाप करने से भक्तों को मानसिक शांति, शारीरिक स्फूर्ति और आध्यात्मिक जागरूकता में वृद्धि होती है। इससे न केवल श्रद्धा और भक्ति की भावना में बढ़ोतरी होती है, बल्कि प्रियजन और समाज के प्रति एकता भी मजबूत होती है। इस भजन के जाप से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भक्त के जीवन में सुख और समृद्धि का आह्वान होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सूर्योदय या सूर्यास्त के समय किया जा सकता है, जब वातावरण की ऊर्जा और भी तीव्र होती है। पूजा स्थल पर स्वच्छता का ध्यान रखें। दीप जलाएँ और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के समय, मन को शांत रखते हुए पूर्ण श्रद्धा के साथ भजन गाएँ। आसन पर बैठकर, ध्यान की मुद्रा में रहते हुए भक्ति के साथ भजन का श्रवण करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

छठ घाट पर अंताक्षरी का क्या महत्व है?

इस भजन का महत्व सूर्य देवता की आराधना और छठ पूजा की परंपरा को जीवंत बनाए रखने में है। इसमें भक्तों की एकता और भक्ति की भावना को उजागर किया जाता है।

क्या इस भजन का लगातार सुनना लाभकारी है?

हां, इस भजन का नियमित श्रवण करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है।

क्या छठ घाट पर अंताक्षरी का पाठ केवल विशेष अवसर पर करना चाहिए?

इस भजन का पाठ विशेष अवसरों पर करना बेहतर होता है, लेकिन इसे नियमित रूप से सुनने से भक्ति और सकारात्मकता दोनों में वृद्धि होती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!