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मेरा मुझ में कुछ नहीं लिरिक्स (Mera Mujh Mein Kuch Nahin Lyrics in Hindi) - Anup Jalota Kabir Amritwani - Bhaktilok

208 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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मेरा मुझ में कुछ नहीं लिरिक्स (Mera Mujh Mein Kuch Nahin Lyrics in Hindi) - Anup Jalota Kabir Amritwani - Bhaktilok




मेरा मुझ में कुछ नहीं लिरिक्स (Mera Mujh Mein Kuch Nahin Lyrics in Hindi) - Anup Jalota Kabir Amritwani - 

मेरा मुझ में कुछ नहीं लिरिक्स (Mera Mujh Mein Kuch Nahin Lyrics in Hindi) - 


मेरा मुझ में कुछ नहीं
Mera Mujh Mein Kuch Nahin
जो कुछ है सो तोर
Jo Kuch Hai So Tor
तेरा तुझको सौपता
Tera Tujhko Saupta
क्या लागे है मोर
Kya Laage Hai Mor
मेरा मुझ में कुछ नहीं
Mera Mujh Mein Kuch Nahin
जो कुछ है सो तोर
Jo Kuch Hai So Tor
तेरा तुझको सौपता
Tera Tujhko Saupta
क्या लागे है मोर
Kya Laage Hai Mor
कबीरा सी कुसमुंद की
Kabira Si Kusamund Ki
रटे प्यास प्यास
Rate Pyas Pyas
कबीरा सी कुसमुंद की
Kabira Si Kusamund Ki
रटे प्यास प्यास
Rate Pyas Pyas
समुदय तिण का भरी गणे
Samuday Tin Ka Bhari Gane
स्वाति बूँद की आस
Swati Boond Ki Aas
कबीर रेख सिन्दूर की
Kabir Rekh Sindoor Ki
काजर दिया न जार
Kajar Diya Na Jar
नैनु रमैया रामी रहा
Nainu Ramaiya Rami Raha
दूजा कहाँ समाल
Duja Kaha Samaal
जेवो एके जाणिया
Jevo Eke Janiya
तौ जाणिया सब जाण
Tau Janiya Sab Jaan
जेवो एके जाणिया
Jevo Eke Janiya
तौ जाणिया सब जाण
Tau Janiya Sab Jaan
जेवो एक ना जाणिया
Jevo Ek Na Janiya
तो सब ही जाणिया जाय
To Sab Hi Janiya Jaay
कबीर एक न जाणिया
Kabir Ek Na Janiya
तौ बहुजाणिया क्या होयी
Tau Bahujaniya Kya Hoyi
एक ते सब होत है
Ek Te Sab Hot Hai
सब ते एक न होयी
Sab Te Ek Na Hoyi
जब लगी भगति सकामताम
Jab Lagi Bhagati Sakamtam
तब लग निर्फल सेव
Tab Lag Nirfal Sev
जब लगी भगति सकामताम
Jab Lagi Bhagati Sakamtam
तब लग निर्फल सेव
Tab Lag Nirfal Sev
कही कबीर वे क्यों मिले
Kahi Kabir Ve Kyu Mile
निहिटाग्नि निज देह
Nihitagni Nij Deh
कबीर कुता राम का
Kabir Koota Ram Ka
मुदिया मेरा नाम 
Muddiya Mera Naam
गले राम की जेवणी
Gale Ram Ki Jevni
जित्त खेंचे तिथ जाऊ
Jitt Khenche Tith Ja




🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "मेरा मुझ में कुछ नहीं लिरिक्स (Mera Mujh Mein Kuch Nahin Lyrics in Hindi) - Anup Jalota Kabir Amritwani - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 13 Aug 2026

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