मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
हे शिव के लाला अरज सुनों हम शरण तुम्हारी आये हैं लिरिक्स (He Shiv Ke Lala Araj Suno Hum Sharan Tumhari Aaye Hai Lyrics in Hindi) -
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
दुनियां रूठे तो रूठा करे
हमसे नाराज ना होना तूम
तुमसे ही मंगल करता हो
बड़ी आस लगा कर आये हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
भव सागर सामने है तो क्या
हमको कोई भी फ़िक्र नहीं
मजधार डूबा या पार लगा
ये ठान के द्वारे आये हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
उसका अमंगल ना होता कभी
सबसे पहले तुझे पूजे जो
अपने वंदन में हे देवा
तेरे गुण गान ही गाएं हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
शिव शंकर और सब देवों की
तुझ पर ही विशेष रही
तेरे नटखट पन शंकर नंदन
सब देवो के मन भाए है
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
तू चाहे तो बलहीनों में
बल का संचार करे
वो निर्बल भी बलवान बनें
जो चरणों में शीश झुकाए हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
कलयुग में तुमसा फलदायक
कोई और मिला ना है देवा
खाली झोली लेकर आए
तेरे द्वार से भर ले जाएँ हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
रिद्धि सिद्धि और लक्ष्मी माँ
आ जाए वहाँ तू रहे जहाँ
इस बार मेरे घर में तू आ
ये आस लिए हम आये हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं
दरबार तेरे और द्वार तेरे
आनंद की बारिश होती है
शरणागत पर देवा तूने
खुशियों के मेघ बरसायें हैं
हे शिव के लाला अरज सुनों
हम शरण तुम्हारी आये हैं ||
ठुकराना हमको देवा
इस जग के हम ठुकराए हैं ||
*** Singer - Sohini Mishra ***
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "हे शिव के लाला अरज सुनों हम शरण तुम्हारी आये हैं लिरिक्स (He Shiv Ke Lala Araj Suno Hum Sharan Tumhari Aaye Hai Lyrics in Hindi) - Sohini Mishra Shiv Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।
शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?
शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?
सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?
हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।
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