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चलो भोले बाबा के द्वारे लिरिक्स (Chalo Bhole Baba Ke Dware Lyrics in Hindi) - Gulshan Kumar Shiv Bhajan - Bhaktilok

67 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भोले बाबा के भक्तों के लिए विशेष भजन

भगवान शिव की भक्ति से सभी दुखों से मुक्ति पाएँ, चलो भोले बाबा के द्वारे।

चलो भोले बाबा के द्वारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेभोले बाबा भोले बाबाभोले बाबा भोले बाबाचलो भोले बाबा के द्वारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेचढ़ा एक शिकारी देखो बिल्व वृक्ष परकरने को वो शिकारशिव चौदस की पावन वह रात थीअनजाने में हुआ पहर पूजा संस्कारहुए बाबा प्रकट बोले मांगो वरदानबोले मांगो वरदानदर्शन कर शिकारी को हो आया वैराग्य ज्ञानहो आया वैराग्य ज्ञानकरबद्ध कर वो बोलाहरी ओम हरी ओमहरी ओम हरी ओमहरी ओम हरी ओमकरबद्ध कर वो बोलादो मुझे भक्ति वरदानदो मुझे भक्ति वरदानबने बाबा उसके सहारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेचलो भोले बाबा के द्वारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेपापचार के कारण कष्ट सहेकन्या स्वामिनी नेभिक्षा मांगती वो पहुंची गोपर्ण मेंमिला बिल्व पत्र उससे भिक्षा के रूप मेंबिल्व पत्र अनजाने में फेका शिवलिंग पेफेका शिवलिंग पेपुण्य शिवरात्रि व्रत का ऐसे पाया उसनेऐसे पाया उसनेमहिमा से शिव कीहरी ओम हरी ओमहरी ओम हरी ओमहरी ओम हरी ओममहिमा से शिव कीमोक्ष पाया उसनेमोक्ष पाया उसनेबने बाबा उसके सहारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेचलो भोले बाबा के द्वारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेभोले बाबा भोले बाबा भोले बाबाभोले बाबा भोले बाबा भोले बाबाचलो भोले बाबा के द्वारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारेचलो भोले बाबा के द्वारेसब दुःख कटेंगे तुम्हारे ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भक्तिगीत का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव, जिन्हें भोले बाबा के नाम से भी जाना जाता है, की कृपा की याचना करना है। पहले पैराग्राफ में 'चलो भोले बाबा के द्वारे' इस वाक्य से भक्तों को एकत्र होकर शिव मंदिर जाने और वहां उनकी भक्ति करने के लिए प्रेरित किया गया है। इस भजन के अनुसार, जो भक्त भोले बाबा के द्वार पर आते हैं, उनके सभी दुख समाप्त हो जाते हैं। गाने के एक महत्वपूर्ण अंश में,şikारी की कथा आती है जो शिव चौदस की रात को एक अनजाने में शिव की पूजा करता है। यह एक प्रतीक है कि ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति केवल भक्ति के मार्ग से होती है। जब वह शिकारी भोले बाबा के पास जाता है, तो उसे वरदान मिलता है, जो यह दर्शाता है कि भक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है।

भावार्थ में इस गीत का विचार यह है कि भोले बाबा की कृपा से भक्तों को शांति, वैराग्य और दिव्यता प्राप्त होती है। जब शिकारी, जो पहले केवल शिकार करने आया था, शिव दर्शन के बाद वैराग्य की ओर अग्रसर होता है, तो यह दर्शाता है कि भक्ति मार्ग पर चलने से मानसिक एवं आत्मिक शांति मिलती है। औषधीय प्रभाव की तरह प्रभु की आराधना से सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। अन्यथा, यह भी दर्शाया गया है कि भक्ति के जरिए ही व्यक्ति अपने पापों से मुक्ति पा सकता है। इस मार्ग पर चलकर ही भक्त खुद को समर्पित करता है और पुण्य की ओर अग्रसर होता है।

इस भजन में 'हरि ओम हरी ओम' का जप भक्तों को ध्यान केंद्रित करने और अपने मन को शुद्ध करने का संकेत देता है, जो भक्तिप्रेम का अभिन्न हिस्सा है। यह ध्यान हमें सिखाता है कि हम सभी दुखों से कैसे उबर सकते हैं और अपने जीवन में भोले बाबा के प्रति सच्ची श्रद्धा कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं। शिव को भक्तों के सर्वश्रेष्ठ रक्षक के रूप में देखा जाता है। इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम व्यक्त करते हैं, जो मात्र एक आराधना नहीं है, बल्कि एक थाह है आत्मज्ञान की ओर।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व हिन्दू पौराणिक कथाओं में गहराई से समाहित है। शिवजी की आराधना से जुड़े अनेक भक्ति ग्रंथ जैसे शिवपुराण में शिव की महिमा और उनके भक्तों के लिए किए गए अनुग्रह का वर्णन मिलता है। कथा में शिकारी द्वारा शिव की पूजा करने से न केवल उसके दुख समाप्त होते हैं, बल्कि उसे वैराग्य और आत्मज्ञान भी प्राप्त होता है, जो भक्ति का वास्तविक फल है। मोक्ष की प्राप्ति के लिए यह श्रृद्धा एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसका उल्लेख उपनिषदों में भी किया गया है।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का जाप करने से भक्तों को मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है। इसे गाने से देवी-देवताओं की कृपा से भक्ति शक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नियमित रूप से पढ़ने से भक्त अपने जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का उच्चारण सुबह सूर्योदय से पहले या रात के समय करना अच्छा होता है। पूजा के समय एक दीया जलाना और मंदिर में आमंत्रित करना महत्वपूर्ण है। जाप करते समय मन को शांत रखें और ध्यान केंद्रित करें कि आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए उनसे प्रार्थना कर रहे हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

चलो भोले बाबा के द्वारे का महत्व क्या है?

इस भजन का महत्व भगवान शिव की आराधना में है, जो भक्तों को कठिनाइयों से उबारने और उनके जीवन में संतोष लाने में सहायक है।

इस भजन को गाने से क्या लाभ होता है?

इस भजन के नियमित जाप से भक्तों को मानसिक शांति, आत्मिक संतोष, और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। यह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

कब और कैसे इस भजन का जाप करना चाहिए?

इस भजन का जाप सुबह सूर्योदय से पहले या रात में करना चाहिए। पूजा के समय एक दीया जलाकर और मन को शांत रखकर जाप करना अनिवार्य है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

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