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शिव शंकर बेड़ा पार करो लिरिक्स (Shiv Shankar Beda Paar Karo Lyrics in Hindi) - Hariharan Shiv Bhajan - Bhaktilok

99 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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शिव शंकर: संकट से मुक्ति का उत्कृष्ट साधन

स्वाभाविक भक्ति के साथ इस भजन को गाकर शिव का आशीर्वाद पाएं और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति प्राप्त करें।

शिव शंकर बेड़ा पार करो लिरिक्स (Shiv Shankar Beda Paar Karo Lyrics in Hindi) - हर हर गंगे महादेव शिव शंकर की जय बोलोशिव शंकर बेड़ा पार करो हम भक्तों का उद्धार करो सब कष्ट कलेश मिटे मन के भोले बाबा उपकार करो कृपा कर दो हे शिव शंकरदुखड़े हर लो हे शिवशंकरहम सब पापी हैं शिवशंकर हम सब पापी संसारी है पर दाता तेरे पुजारी है जय आदिदेव जय महादेवजय शिव शंकर जय कैलाशीहे महादेव हे उमापति हे गंगाधर हे नटराजनहम पर भी दया दृष्टि कर दो हो सफल हमारा भी जीवनहम को अपने दर्शन दे कर मन के सपने साकार करो है नील गगन में तू ही तूवन में उपवन में तू ही तूकण में कण में तेरा डेरा है तेरा तो बसेरा हैहर हर गंगे महादेव शिव शंकर की जय बोलोहे वैरागी हे सन्यासी हे नागेश्वर हे भंडारीहम भक्त जनों के जीवन पर उपकार करो हे उपकारीमन पुष्पः चढ़ाने आये हैं ये भेट प्रभु स्वीकार करो है जग में पावन नाम तेराहै सब की जुबाँ पर नाम तेराजब तक इस तन में प्राण रहेतब तक तेरे चरणों में ध्यान रहेसारे संसार में हे भगवनतुमसा वरदानी कोई नहींमुझसे कोई दींन नहीं जग में और तुमसा दानी कोई नहींतुम सब की बिगड़ी बनाते हो मुझ पर भी दया इक बार करोमैं बन के भिखारी आया हूँऔर खाली झोली लाया हूँखाली झोली भर दो दातामुझको सुख का वर दो दाताशिव शंकर बेड़ा पार करो हम भक्तों का उद्धार करोसब कष्ट कलेश मिटे मन के भोले बाबा उपकार करो कृपा कर दो हे शिव शंकरदुखड़े हर लो हे शिवशंकर ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य थीम शिव शंकर की विशेष कृपा की प्राप्ति और भक्तों के संकटों से मुक्ति पर केन्द्रित है। इसका आरंभिक शब्द 'शिव शंकर बेड़ा पार करो' इस भाव को व्यक्त करता है कि भक्त शिव की शरण में आते हैं, उनके निर्देशित मार्ग पर चलने की प्रार्थना करते हैं। 'हम भक्तों का उद्धार करो' इस कथन से भक्त जन अपने जीवन की कठिनाइयों और भीतर के कष्टों का समाधान चाहते हैं। 'भोले बाबा उपकार करो' से यह स्पष्ट होता है कि भक्त शिव की करुणा को अपने ऊपर लाने के लिए प्रेमपूर्वक उनसे सहायता मांगते हैं। पंक्तियों में वर्णित 'हम सब पापी हैं' यह दर्शाता है कि सभी जीव अज्ञानता और कर्मफल के जाल में फंसे हुए हैं, लेकिन अंततः विश्वास है कि भगवान शिव, जो दयालु हैं, उनके उद्धारक हैं।

इस भजन के भावार्थ में गहरी भावुकता छिपी हुई है। 'हे महादेव, हे उमापति,' जैसी पंक्तियाँ उत्प्रेरक शक्तियों को दर्शाती हैं और भक्तों को यह विश्वास देती हैं कि भगवान हर मुश्किल समय में उनके साथ हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त शिव को भक्ति और समर्पण से स्मरण करते हैं, उनकी महिमा का गुणगान करते हैं। 'कृपा कर दो हे शिव शंकर' ये शब्द भक्त की कठिनाई को उजागर करते हैं, जो न केवल भौतिक दुनिया में बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी संकट का वर्णन करते हैं। भक्त का यह विश्वास कि शिव उनकी पीड़ा का अन्त कर सकते हैं, सच्ची भक्ति और आस्था की निशानी है।

भक्ति मार्ग का उल्लेख करते हुए, यह भजन एक सच्चे श्रद्धालु के गुणों को प्रस्तुत करता है। 'तुम सब की बिगड़ी बनाते हो,' इस पंक्ति में एक गहरा सिद्धांत छिपा है कि शिव का रूप उन सब के लिए दयालु दाता है, जो सच्चे मन से स्वार्थ छोड़कर उनकी शरण में जाते हैं। यहां पर 'खाली झोली भर दो दाता' का अर्थ है कि जब भक्त सत्कर्म करते हैं और अपने अहंकार को त्याग कर शिव की भक्ति करते हैं, तो शिव उन्हें एक नई दिशा और नयी जीवन शक्ति प्रदान करते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि व्याकुलताओं और पापों का भार उठाने के लिए हमें शिव की शरण में जाना चाहिए, जिससे हम अपने जीवन को सशक्त बना सकें।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव की उपासना प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। अनेक पुराणों में शिव के दिव्य स्वरूप और उनके भक्तों के प्रति करुणा का वर्णन मिलता है। विशेष रूप से शिवपुराण में यह कहा गया है कि महादेव सभी संकटों को मिटाते हैं और अपने भक्तों को सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। जब संसार में पाप और दु:ख बढ़ जाता है, तब शिव अपने भक्तों के उद्धार के लिए सदा तत्पर रहते हैं। यह भजन शिव की असीम दया और शक्ति को दर्शाता है, जो भक्ति से प्राप्त होती है।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और भक्ति का विकास होता है। यह भक्त के मन से नकारात्मकताएँ और तनाव कम करने में सहायक होता है। शिव का ध्यान करने से भक्त को ऊर्जा और सकारात्मकता मिलती है, जिससे वह अपने जीवन की कठिनाइयों का सामना करने में सक्षम होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का सही जाप सुबह के समय करें, जब मन शांत हो और वातावरण धार्मिक हो। दीपक जलाना और पुष्प अर्पित करना इस पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सच्चे मन से एकाग्रता से जाप करें और शिव शंकर का ध्यान करते हुए अपने जीवन की कठिनाइयों की निवृत्ति के लिए प्रार्थना करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह भजन किस समय गाना चाहिए?

यह भजन सुबह या शाम के समय गाना शुभ माना जाता है, जिससे भक्त का मन शुद्ध होता है और शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

क्या इस भजन के अन्य लाभ भी हैं?

इस भजन का जाप सुनने से शांति और मानसिक स्फूर्ति मिलती है, जिससे दिमागी थकान दूर होती है और सकारात्मकता उत्पन्न होती है।

क्या यह भजन शिव के किस रूप को समर्पित है?

यह भजन शिव के अनंत रूपों के प्रति समर्पित है, जिसमें महादेव की दया, करुणा और भक्तों के प्रति उनका अपार प्रेम दिखाई देता है।

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'शिव शंकर बेड़ा पार करो भजन की महिमा में भक्तों के उद्धार और कठिनाइयों से मुक्ति का महत्वपूर्ण संदेश है।'}

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 29 Aug 2026

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