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वो श्याम धणी मेरा(Wo Shyam Dhani Mera Sheesh Ka Dhani Hai Lyrics in Hindi) - Rohit Rajput - Bhaktilok

40 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्याम धणी: भक्ति से मिली कृपा

इस भजन को गुनगुनाएँ और श्री श्याम धणी की कृपा का अनुभव करें।

वो श्याम धणी मेरा(Wo Shyam Dhani Mera Sheesh Ka Dhani Hai Lyrics in Hindi) - Rohit Rajput - Bhaktilok जिसे पूजे सारा ज़माना ये दुनिया दीवानी है वो श्याम धणी मेरा हाँ शीश का दानी है हाँ तीन बाणधारी जो इसकी निशानी है वो श्याम धणी मेरा हाँ शीश का दानी है हारे का सहारा मेरा श्याम धणी कहलाये चरणों से लगा ले जो भी इसके दर पे आये अपने भक्तों की दूर कर देता परेशानी है वो श्याम धणी मेरा हाँ शीश का दानी है एक इशारे पे तूने शीश का दान किया था मुरली वाले ने वर में तुझे श्याम का नाम दिया था सारे जगत में जिसका कोई ना सानी है वो श्याम धणी मेरा हाँ शीश का दानी है सारे जग में गूँज रहा है बाबा तेरा नाम समर्थ जम्मू वाला रोहित आये तेरे धाम तेरे नाम कर दी बाबा सारी ज़िंदगानी है वो श्याम धणी मेरा हाँ शीश का दानी है

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में श्री श्याम धणी की महिमा का उल्लेख किया गया है। यह भक्तों की भावनाओं को दर्शाते हुए कहता है कि वे श्याम धणी की आराधना करते हैं, जिन्हें पूरे संसार द्वारा पूजा जाता है। 'वो श्याम धणी मेरा हाँ शीश का दानी है', इस पंक्ति से हमें यह आभास होता है कि श्याम धणी अपने भक्तों के लिए सब कुछ समर्पित करते हैं। यहाँ 'तीन बाणधारी' का उल्लेख कन्हैया के रूप में उनके दिव्य गुणों की ओर संकेत करता है, जो भक्तों को संकटों से उबारते हैं और उनके जीवन को सुखमय बनाते हैं। श्याम धणी को 'हारे का सहारा' भी कहा गया है, जो यह दर्शाता है कि उनका सानिध्य संकट के समय में भी हमें मजबूत बनाने वाला है।

भावार्थ में यह रेखांकित किया गया है कि जब भक्त सच्चे मन से श्री श्याम की आराधना करते हैं, तो उनकी सभी समस्याओं का समाधान संभव है। भजन बताता है कि श्याम धणी के चरणों में समर्पित रहना, उनके दर पर आने वाले भक्तों के लिए शांति और सुख का रास्‍ता खोलता है। यह दिखाता है कि श्री श्याम का नाम ही भक्त की समस्त कर्मों का पालन करता है। यहाँ 'एक इशारे पे तूने शीश का दान किया था' शब्दों में उल्लेख है कि हम जब अपनी नकारात्मकताएँ भुलाकर प्रेम और भक्ति में समर्पित होते हैं, तब वह हमारे जीवन में अद्भुत परिवर्तन लाते हैं।

इस भजन में भक्ति मार्ग के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी दर्शाया गया है। भक्तिस्वरूप भगवान का ध्यान करने और उन पर विश्वास करने से हमारी आत्मा की शुद्धि होती है। भक्ति में समर्पण, विश्वास और प्रेम होना अनिवार्य है। भक्त के मन में जब श्याम भक्ति का दीप जलता है, तब वह उन तक पहुँच जाता है। इसके माध्यम से, हम यह समझते हैं कि परमेश्वर के प्रति भक्ति का मार्ग ही सच्चे सुख की प्राप्ति का रास्ता है। यहाँ 'तेरे नाम कर दी बाबा सारी ज़िंदगानी है' पंक्ति यह स्पष्ट करती है कि समर्पण का भाव ही सुखों की दात्री है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों से गहन प्रेरणा ग्रहण करता है, जिसमें भगवान कृष्ण के अनेक स्वरूपों को संदर्भित किया गया है। महाभारत और भागवत पुराण में श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया है, जो उनके भक्तों के प्रति स्नेह और अनुकम्पा का प्रतीक है। श्याम धणी के रूप में कृष्ण, अपने भक्तों की सारी इच्छाओं और दुखों को हर लेते हैं। इसीलिए, यह भजन हमें उनके जीवन में ध्यान केंद्रित करने और उन से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित पाठ मानसिक तनाव को कम करता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। सच्चे मन से इस भजन का गान करने से व्यक्ति में सकारात्मकता और आत्मविश्वास का संचार होता है। धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए, यह भजन एक अमूल्य साधन है, जो भक्तों को भगवान से जोड़ता है और उन्हें जीवन की कठिनाइयों से उबारता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

यह भजन सुबह के समय या संध्या वेला में गाना उत्तम है, जब मन एकाग्रचित्त होता है। पूजा के समय दीप जलाना और गुड़ या मखाने का भोग अर्पित करना चाहिए। सही मुद्रा में बैठकर मनन करने से इस भजन का फल और भी गुणित होता है। भक्त को ध्यान व श्रद्धा के साथ इस भजन का पाठ करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

श्याम धणी का अर्थ क्या है?

श्याम धणी का अर्थ है वह भगवान श्री कृष्ण, जो श्याम रंग के हैं और अपने भक्तों के प्रति दयालु होते हैं।

इस भजन को गाने का सही समय क्या है?

इस भजन को सुबह या संध्या वेला में गाना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, जब मन में शांति और ध्यान की स्थिति हो।

क्या इस भजन का पाठ करने से कोई विशेष लाभ होता है?

हाँ, इस भजन का पाठ करने से मानसिक शांति, सकारात्मकता और भक्त में आत्मिक उन्नति होती है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 29 Aug 2026

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