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घर में गणेश जी की स्थापना कैसे करें- यह तरीका जानिए(Ghar Me Ganesh Ji Ki Sthaapana Kaise Kare) - Bhaktilok

54 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

घर में गणेश जी की स्थापना कैसे करें- यह तरीका जानिए(Ghar Me Ganesh Ji Ki Sthaapana Kaise Kare):-

घर में गणेश जी की स्थापना कैसे करें- यह तरीका जानिए(Ghar Me Ganesh Ji Ki Sthaapana Kaise Kare) - Bhaktilok

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें।

घर में गणेश जी की स्थापना कैसे करें- यह तरीका जानिए(Ghar Me Ganesh Ji Ki Sthaapana Kaise Kare):-

🌼गणेश चतुर्थी पर तो हर भक्त गणेश जी की स्थापना करता है किन्तु आज हम आपको हमेशा के लिए गणेश जी की स्थापना अपने पूजा स्थल में कैसे करें इसके विषय में जानकारी देने वाले है । सभी भक्तजन अपने पूजा स्थल पर सभी देवों की स्थापना के साथ -साथ गणेश जी की भी फोटो लगाते होंगे । इसके अतिरिक्त आप इस प्रकार से गणेश जी स्थापना अवश्य कर ले ।

पूजास्थल पर गणेश जी की स्थापना कैसे करें (poojaasthal par ganesh jee kee sthaapana kaise karen):-


🌻आप एक सख्त मिटटी की डली ले ले, अब इस पर नाल (लाल धागे को लपेट ले ) लगभग सारी डली पर लाल धागे को लपेट ले और अब इसे कुमकुम से तिलक कर एक कटोरी में थोड़े अक्षत( चावल ) लेकर इस कटोरी में स्थापित कर दे । अब आप इस कटोरी को अपने पूजा स्थल पर स्थापित कर दे । यदि मिट्टी की डली उपलब्ध नही हो पाती है तो आप पूजा में प्रयोग आने वाली सुपारी को भी प्रयोग कर सकते है । इस प्रकार से गणेश जी स्थापना आपके पूजा के स्थान पर हो जाती है 

🌼इसके अतिरिक्त आप अपने पूजा स्थल पर एक छोटे से ताम्बे के पत्र में जल की स्थापना भी अवश्य करें । इस जल को आप प्रतिदिन तुलसी या पीपल के पेड़ या आस -पास किसी भी अन्य पेड़ में प्रवाहित कर फिर से स्वच्छ जल से भरकर रख दे ।

🌻प्रतिदिन जब भी आप पूजा के लिए बैठते है तो सबसे पहले आप गणेश जी की आव्हान करें । गणेश जी के आव्हान के लिए आप दिए गये मंत्रो में से किसी भी मंत्र का उच्चारण कर सकते है: –

🌼🌻भगवान श्री गणेश जी के मंत्र(bhagavaan shree ganesh jee ke mantra):-🌼🌻

 
ॐ गजाननं भूंतागणाधि सेवितम्,
कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम्।
उमासुतम् शोक विनाश कारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्॥ 
 
।। ॐ गं गणपतये नमः ।।
।। ॐ श्री विघ्नेश्वराय  नमः ।।
।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।

वक्रतुण्ड महाकाय कोटिसूर्य समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।


🌼 श्री गणेश जी का नाम सभी देवों में सबसे पहले लिया जाता है । आप कोई भी शुभ कार्य करते है या फिर कोई भी अनुष्ठान करते है या घर पर किसी भी देव की पूजा रखते है । 
भगवान श्री गणेश जी की पूजा सबसे पहले की जाती है । हमारे हिन्दू धरम के अनुसार बिना गणेश जी की पूजा किये बिना किया गया कोई भी धार्मिक कार्य व्यर्थ है ।

🌻 श्री गणेश जी को विनायक, विघ्नेश्वर, गणपति, लंबोदर के नाम से भी जाना जाता है । शिवपुराण के अनुसार भगवान श्री गणेश का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था इसीलिए इस दिन पूरे भारत वर्ष में गणेश उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है । गणेश चतुर्थी के दिन सभी भक्तजन गणेश जी की प्रतिमा को घर पर स्थापित करते है और लगातार  10 दिनों तक गणेश जी की विशेष पूजा कर इस गणेश उत्सव को मनाया जाता है ।


🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी का यह भजन "घर में गणेश जी की स्थापना कैसे करें- यह तरीका जानिए(Ghar Me Ganesh Ji Ki Sthaapana Kaise Kare) - Bhaktilok" सभी कार्यों के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना से गाया जाता है। विघ्नहर्ता गणेश जी बुद्धि, ज्ञान और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं। इस भजन के प्रत्येक शब्द में गणेश जी के गजमुख, विशाल उदर, और चूषक वाहन का सुंदर वर्णन है।

इस भजन की मूल भावना विघ्न विनाश और शुभ-लाभ की प्राप्ति की है। जीवन में जब भी कोई नया कार्य प्रारंभ करना हो, तो गणेश जी का स्मरण करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि वे ऋद्धि-सिद्धि के प्रदाता हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

गणेश पुराण के अनुसार, श्री गणेश जी की स्तुति और भजन सुनने से बुद्धि का विकास होता है, विद्या अर्जन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और घर में शांति का वातावरण बनता है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। गणेश संकीर्तन से मानसिक अशांति दूर होती है, बुद्धि कुशाग्र होती है और किसी भी कार्य में आने वाली विघ्न-बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

बुधवार और गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी के सम्मुख दूर्वा और मोदक अर्पित कर इस भजन का संकीर्तन करें। गायन के समय सिंदूर का तिलक लगाना शुभ होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गणेश जी की पूजा में 'दूर्वा' (दूब घास) क्यों चढ़ाई जाती है?

दूर्वा शीतलता प्रदान करने वाली है। अनलासुर नामक दैत्य को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में उत्पन्न जलन को शांत करने के लिए मुनियों ने उन्हें दूर्वा चढ़ाई थी। तब से गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।

गणेश जी के भजन किस दिन विशेष रूप से गाने चाहिए?

बुधवार का दिन और हर माह आने वाली संकष्टी व विनायक चतुर्थी की तिथियां गणेश आराधना के लिए सर्वोत्तम हैं।

क्या प्रथम पूज्य गणेश जी का स्मरण हर पूजा से पहले जरूरी है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव से मिले वरदान के कारण किसी भी शुभ कार्य या देव पूजा की शुरुआत गणेश जी के पूजन व स्मरण से ही की जाती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 27 Aug 2026

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