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hari bhajan

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा हरि शरण आने के बाद (Kuchh Nahi Bigadega Tera Hari Sharan Aane Ke Bad Lyrics in Hindi)

72 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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Hari Sharan का अद्वितीय मंत्र: चिंता का समापन

इस भजन के साथ हरि के चरणों में शरण लेने का अद्भुत अनुभव प्राप्त करें।

कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।हर ख़ुशी मिल जायेगी तुझे,चरणों में झुक जाने के बाद ।कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।प्रेम के मंजिल के राही,कष्ट पाते हैं मगर,बीज़ फलता है सदा,मिट्टी में मिल जानें के बाद,कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।देख़कर काली घटा को,ए भ्रमर मत हो निराश,बंद कलियाँ भी खिलेंगी,रात ढल जानें के बाद,कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।पूछों इन फूलों से जाकर,छाई है कैसे बहार,कब तलाक काँटों पे सोया,डाल पर आने के बाद,कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।जब तलक है भेद मन में,कुछ नहीं कर पायेगा,रंग लाएगा ये साधन,भेद मिट जाने के बाद,कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।हर ख़ुशी मिल जायेगी तुझे,चरणों में झुक जाने के बाद ।कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद ।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि जब कोई भक्त अपने हृदय से हरि की शरण में आता है, तब उसके जीवन में सब कुछ सकारात्मक होता है। पहली पंक्ति में यह कहा गया है, "कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा, हरि शरण आने के बाद", जो यह दर्शाता है कि हरि की कृपा के आगमन से भक्त की चिंताएँ और दुख समाप्त हो जाते हैं। आगे कहा गया है, "हर ख़ुशी मिल जायेगी तुझे, चरणों में झुक जाने के बाद," जो इस बात की पुष्टि करता है कि सच्चे मन से जब भक्ति की जाती है, तो हर खुशी प्राप्त होती है। इस प्रकार, भजन हमें यह भी याद दिलाता है कि कष्टों के बीच भी हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि कठिनाइयों के बाद हरि की कृपा की वर्षा होती है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, भजन की दूसरी पंक्ति में प्रेम के मार्ग पर चलते समय आने वाली बाधाएँ और कष्टों का उल्लेख है। यह दिखाता है कि प्रेम की मंजिल पर चलने वाले व्यक्तियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यह भी सत्य है कि जब बीज मिट्टी में मिलता है, तब ही वह फलता है। इससे यह ज्ञान मिलता है कि जीवन में कठिनाइयों का समाना करना आवश्यक है, क्योंकि वे हमें मजबूत बनाती हैं। इसे और भी स्पष्ट करते हुए, यह भजन कहता है कि "काली घटा" देखकर निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि निराशा के बाद सदा एक नई सुबह आती है।

इस भजन का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जब तक मन में भेदभाव है, तब तक हम अपनी आध्यात्मिक उन्नति नहीं कर सकते। भक्ति मार्ग में समर्पण और भक्ति का अद्भुत खेल है। जब भेद मिट जाते हैं, तब साधना का रंग लाता है और हमें आत्मज्ञान की ओर ले जाता है। हरियाली, बहार और आनंद तब ही देखने को मिलता है, जब हम भ्रम और नफरत की भावना से मुक्त हो जाते हैं। 'हरी शरण' का अर्थ है आत्मा की शांति और पूर्णता, जो केवल हरि की कृपा से ही संभव है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बहुत गहरा है। पौराणिक कथाओं में भगवान श्री कृष्ण की भक्ति का वर्णन किया गया है, जहाँ भक्तों की हर कठिनाइयों का समाधान केवल भगवान की शरण लेने से होता है। रामायण और महाभारत में भी भक्तों का समर्पण और हरि की कृपा का महत्व वर्णित है, जो दर्शाता है कि भक्ति से हर प्रकार की समस्या का समाधान किया जा सकता है। इस भजन की साधना से भक्त खुद को हरि की अनुकंपा में ढालकर झकझोरते हुए सारे दुःख दूर कर सकते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक, शारीरिक, और आध्यात्मिक लाभ होते हैं। नियमित रूप से इसे गाने से आत्मा में शांति मिलती है और मन की चिंताएँ समाप्त होती हैं। इसके द्वारा भक्त में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे वे अपने सभी कार्यों में सफल होते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह सूर्योदय के समय या संध्या में किया जाना चाहिए। पूजा के समय दीप जलाना, फूलों का समर्पण और साफ मनोबल से भक्ति करना आवश्यक है। पारंपरिक मुद्रा में बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ इसे गाना चाहिए, ताकि भक्त हरि का अनुभव कर सकें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस भजन का मुख्य उद्देश्य भक्त को हरि की शरण में आने के बाद के सुख और शांति का अनुभव कराना है।

इस भजन का गाना कब सबसे अच्छा है?

इस भजन का गाना सुबह या संध्या के समय सबसे अच्छा माना जाता है, जब माहौल शांत और ध्यान में रहने योग्य होता है।

भजन के जाप से हमें क्या लाभ होता है?

भजन के जाप से मानसिक शांति, पूरक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति होती है, जिससे भक्त अपने जीवन की कठिनाइयों का सामना आसानी से कर सकते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

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