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श्री राम जय राम जय जय राम हम आए शरण तुम्हारी राम (shri Ram jai Ram jai jai Ram ham aaye sharan tumhari Ram Lyrics in Hindi)

54 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

श्री राम जय राम जय जय राम हम आए शरण तुम्हारी राम (shri Ram jai Ram jai jai Ram ham aaye sharan tumhari Ram Lyrics in Hindi)


श्री राम जय राम जय जय राम

{कलयुग केवल नाम अधारा ।

सुमिर सुमिर नर उतर ही पारा ॥}


श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥

हम, आए शरण, तुम्हारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

हे, भक्तों के, हितकारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

हे, रघुपति, अव्ध बिहारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥


माँ, कौशल्या के, प्यारे राम,

हे, दशरथ राज, दुलारे राम,

करो, पूर्ण काज़, हमारे राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 1 ॥


मेरी, नईया पार, लगा दो राम,

मेरे, सोए भाग, जगा दो राम,

मेरे, दुखड़े दूर, भगा दो राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 2 ॥


मुझे, चरणों की दासी, बना लो राम,

मुझ, दीन को भी, अपना लो राम,

मैं, शरणागत हूँ, सम्भालो राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 3 ॥


यह, दुनियाँ, तेरे सहारे राम,

तूने, लाखों, पार उतारे राम,

तूँ डूबों, को भी, उभारे राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 4 ॥


दशरथ, नंदन, जय श्री राम ।

भव भय, भंजन, जय श्री राम ।

रघुपति, राघव, जय श्री राम ।

परधुन, दायक, जय श्री राम ।

श्याम, सरीरा, जय श्री राम ।

हरते, तीरा, जय श्री राम ।

जन, मनोरंजन, जय श्री राम ।

असुर, निकन्दन, जय श्री राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 5 ॥


शबरी ने, वाट, निहारी राम,

हर रोज़, ही राह, बुहारी राम,

पाई, उसने दया, तिहारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 6 ॥


भक्तों का, मान, बढ़ाया राम,

दुःखियों का, कष्ट, मिटाया राम,

निर्बल को, गले, लगाया राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 7 ॥


प्रेम का, नाता, भाए राम,

निर छल, नर ही, तुम्हें पाए राम,

तुम्हें, अभिमान न, सुहाए राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 8 ॥


शिव जी गाए,  ब्रह्मा ध्याये,

रटे सरस्वती, जपे बृहस्पति,

ले खडताल, अंजनी का लाल,

हे झूम के गाए, सुध बिसराए,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 9 ॥


मेरे, अभिमान को, मिटा दो राम,

माया, का पर्दा, हटा दो राम,

मेरे, मोह के फंद, कटा दो राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 10 ॥


सुग्रीव, को कण्ठ, लगाया राम,

केवट, को भी, अपनाया राम,

फिर, मुझको क्यों, बिसराया राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 11 ॥


पत्थर की, अहल्ल्या, तारी राम,

राक्षसी, ताड़का, मारी राम,

तेरी, पग महिमा है, भारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 12 ॥


हाथ उठाओ, शरण लगाओ,

दीन दयाकर, हे करुणाकर,

दिल में तुम्हारी, छवि है प्यारी,

होंठो पे मेरे, गीत हो तेरे,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 13 ॥


तुम, अव्ध में हो, रघुराई  राम,

गोकुल मे, श्याम, कन्हाई राम,

हर, रूप में दीन, सहाई राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 14 ॥


कभी, हाथ में धनुष, उठाते राम,

कभी, मुरली मधुर, बजाते राम,

हर रूप में, मन को, लुभाते राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 15 ॥


प्रह्लाद, ने तुम्हें, पुकारा राम,

तुम, लोह का खम्भ, बिदारा राम,

निज, भक्तों को दिया, सहारा राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 16 ॥


अंजनी लाला, रटते माला,

सुबहो शाम, आठों जाम,

दीन दिवाकर, ह्रदय लगाकर,

सब मिल गाए, अति सुख पाए,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 17 ॥


मेरे तुम्हीं, पिता मैं हूँ, तारी राम,  

तुम दाता, और मैं, भिखारी राम,

तुम्हीं, मेरे गुरु, खरारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 18 ॥


अंजनी, लाला के, स्वामी राम,

सर्वज्ञय हो, अन्तर्यामी राम,

हम, दीन हीन, खल्कामी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 19 ॥


तेरा नाम है, जिसके, दिल पर राम,

जल पर, तैरे वोह, पत्थर राम,

तेरा नाम, महान, हे रघुवर राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 20 ॥


हे रघुराई, करो सहाई,

नाथ खरारी, तुम सुखकारी,

प्रेम का नाता, तुमको भाता,

घट घट वासी, हे सुख राशि,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 21 ॥


श्री राम, नाम के, बल पर राम,

पत्थर, तैरे थे, जल पर राम,

सीता जी, बैठी, आनल पर राम,  

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 22 ॥


धन्ना ने, तुम्हें, बुलाया राम,

सूखी, रोटी का भोग, लगाया राम,

तूने, रुच रुच प्रेम, सिखाया राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 23 ॥


शबरी की, कुटिया, आए राम,

और, जूठे बेर भी, खाए राम ,

तूने, सब भेद, मिटाए राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 24 ॥


नर तन धरी, अवध बिहारी,

हे मस्तक चंदन, हे जग वंदन,

राज विलोचन, संकट मोचन,

त्रिभुवन स्वामी, अन्तर्यामी,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 25 ॥


हनुमत ने, तुमको, ध्याया राम,

पद, भक्त राज का, पाया राम,

श्री, रामदूत, कहलाया राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 26 ॥


अंजनी, लाला ने, गाया राम,

लंका, में डंका, बजाया राम,

रावण का, मान, घटाया राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 27 ॥


योगी, के नाथ, नियंता राम,

खड़दूषन, रावण, हन्ता राम,

तुम्हें, भजते सदा, हनुमंता राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 28 ॥


हे प्रभु मेरे, तुम को टेरे,

दास बना लो, अरे शरण लगा लो,

मुख न मोड़ो, दिल न तोड़ो,

देर न कीजै, अरे दर्शन दीजै,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 29 ॥


जिस, पर है दया, तुम्हारी राम,

उसको, न कोई, लाचारी राम,

हे जगत के, पालन, हारी राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 30 ॥


सब के, काज़, सँवारे राम,

लाखों को, पार, उतारे राम,

हे जगत के, पालन, हारे राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 31 ॥


कण कण में तूँ ही समाया राम,

तेरा पार कोई न पाया राम,

तेरी अज़ब निराली माया राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 32 ॥


भक्त पुकारे, साँझ सकारे,

सुना है हमने, अरे सदा है तुम में,

भक्त उभारे, कष्ट निबारे,

प्रभु निहारो, पार उतारो,

श्री राम, जय राम, जय जय राम ॥ 33 ॥


प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "श्री राम जय राम जय जय राम हम आए शरण तुम्हारी राम (shri Ram jai Ram jai jai Ram ham aaye sharan tumhari Ram Lyrics in Hindi)" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 18 Aug 2026

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