सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 5
1,240+ पावन रचनाएँ

Krishna Bhajan
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Krishna Bhajan के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

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Krishna Bhajan परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Krishna Bhajan का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Krishna Bhajan संग्रह (1240)

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हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी (श्री कृष्ण आरती) लिरिक्स | He Gopal Krishna Karoon Aarti Teri Shri Krishna Aarti Lyrics

हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी – श्री कृष्ण आरती का संपूर्ण लिरिक्स, अर्थ और भावार्थ सहित। इस भक्ति भजन को श्रद्धा और प्रेम से गाए…

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राधा रमण 2.0 – पूज्य श्री इंद्रेश जी महाराज | Radha Raman 2.0 Lyrics | Mir Desai

राधा रमण 2.0 – पूज्य श्री इंद्रेश उपाध्याय जी का यह भजन राधा के प्रियतम, वृन्दावन में विहार करने वाले नंद-नंदन, यशोदा दुलारे की मह…

आस
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आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा लिरिक्स (Aasra Ak Tera Ak Tera Sahara Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan Shyam Bhajan - Bhaktilok

"आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा" यह अत्यंत ही भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी कृष्ण भजन है, जो भक्त की अपने आराध्य के प्रति अटूट निष्ठा और पूर…

कश
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कशी जाऊ मी वृंदावना मूरली वाजवितो कान्हा लिरिक्स (Kashi Jau Mi Vrundavana Murali Wajvito Kanha Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

 कशी जाऊ मी वृंदावना मूरली वाजवितो कान्हा लिरिक्स (Kashi Jau Mi Vrundavana Murali Wajvito Kanha Lyrics in Hindi) - कशी ज…

सो
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सोहने मुखड़े दा लैन दे नज़ारा लिरिक्स (Sohne Mukhde Da Lain Da Najara Lyrics in Hindi) - Vinod Agarwal Shyam Bhajan - Bhaktilok

सोहने मुखड़े दा लैन दे नज़ारा लिरिक्स - परिचय एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि भक्ति और संगीत के संगम से सजे प्रसिद्ध श्याम भजन "सोहने मुख…

श्
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श्यामा आन बसो वृंदावन में (मेरी उमर बीत गई गोकुल में) भजन लिरिक्स | Shyama Aan Baso Vrindavan Mein Meri Umar Beet Gayi Gokul Mein Bhajan Lyrics

श्यामा आन बसो वृंदावन में भजन में भक्त राधा से वृंदावन में बसने की प्रार्थना करता है। मेरी उमर बीत गई गोकुल में की पीड़ा और समर्पण…

तु
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तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो लिरिक्स (Tum Hamare The Prabhu Ji Tum Hamare Ho Lyrics in HIndi) - Krishna Bhajan Jya Kishori Ji Bhajan - Bhaktilok

मारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो लिरिक्स (Tum Hamare The Prabhu Ji Tum Hamare Ho Lyrics in HIndi) - तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हम…

ते
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तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ लिरिक्स भजन (Teri Bansi Ki Dhun Sunane Aayi Hu Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhajan - Bhaktilok

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ लिरिक्स भजन (Teri Bansi Ki Dhun Sunane Aayi Hu Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhaj…

म
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मेरे घर के आगे साईनाथ तेरा मन्दिर बन जाए भजन इन हिंदी लिरिक्स

 मेरे घर के आगे साईनाथ तेरा मन्दिर बन जाए भजन इन हिंदी लिरिक्स मेरे घर के आगे साईनाथ तेरा मन्दिर बन जाए,जब खिड़

दर
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दर्द किसको दिखाऊ कन्हैया कोई हमदर्द तुमसा नहीं है लिरिक्स (Dard Kisko Dikhau Kanhaiya Koi Dard Hamdard Tumsa Nahi Hai Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

 दर्द किसको दिखाऊ कन्हैया कोई हमदर्द तुमसा नहीं है लिरिक्स (Dard Kisko Dikhau Kanhaiya Koi Dard Hamdard Tumsa Nahi Hai Lyrics…

Krishna Bhajan से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।