Mantra का आध्यात्मिक महत्व
सनातन परंपरा में Mantra का पाठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मबल की प्राप्ति का सशक्त माध्यम है। वैदिक ऋषियों ने प्रत्येक मंत्र में ध्वनि कंपन (Sound Frequency) का ऐसा संयोजन किया है जो साधक की चेतना को उच्चतम स्तर पर प्रतिष्ठित करता है।
१. बीज मंत्र और उनकी दिव्य शक्ति
इस श्रेणी के मंत्रों में निहित बीज मंत्र शरीर के ऊर्जा चक्रों (Chakra System) को सक्रिय करते हैं। जब साधक एकाग्रचित्त होकर नित्य जप करता है, तो उसके भीतर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और दैवीय अनुकंपा का अनुभव होता है।
२. जप के उपरांत क्षमा प्रार्थना
मंत्र जप पूर्ण होने के बाद कम से कम २ मिनट मौन ध्यान करें और अंत में ईश्वर से अनजाने में हुई किसी भी त्रुटि (मात्रा, स्वर अथवा उच्चारण) के लिए क्षमा प्रार्थना करें।