श्रावण पूर्णिमा / रक्षाबंधन
भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन और श्रावणी पूर्णिमा।
हिन्दू पंचांग का वैज्ञानिक आधार (५ मुख्य अंग)
हिन्दू कैलेंडर सौर और चन्द्र दोनों गणनाओं का मिश्रण है (Lunisolar Calendar)। इसके पांच मुख्य अंग होते हैं, जिन्हें मिलाकर **पंचांग** कहा जाता है:
चन्द्रमा और सूर्य के बीच के अंतर को १२ अंशों के भागों में बांटने से तिथि बनती है। कुल ३० तिथियां होती हैं (१५ शुक्ल पक्ष, १५ कृष्ण पक्ष)।
सप्ताह के ७ दिन जो ७ सौर मंडल ग्रहों के नाम पर आधारित हैं (सोम, मंगल, बुध आदि)।
आकाश मंडल के २७ भागों में से चन्द्रमा आज जिस भाग में गोचर कर रहा है, वह नक्षत्र कहलाता है।
सूर्य और चन्द्रमा के स्थान योग से कुल २७ योग बनते हैं, और तिथि के आधे भाग को 'करण' कहा जाता है (कुल ११ करण होते हैं)।
हिन्दू कैलेंडर शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
कैलेंडर तिथि संपादन
भक्तिलोक पंचांग परिषद (Bhaktilok Panchang Council)
वैदिक गणित गणनाओं और स्थानिक गृह गोचर स्थितियों के आधार पर उत्सव और व्रत सूचियां सत्यापित करने वाली विंग।
ज्योतिषीय समीक्षा व सत्यापन
पं. देवदत्त शास्त्री (Pt. Devdutt Shastri)
वाराणसी पंचांग शोध केंद्र के अध्यक्ष। ३५+ वर्षों का वैदिक पंचांग लेखन व संपादन अनुभव।
कैलेंडर तिथियां सत्यापित