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मैया है मेरी शेरावाली लिरिक्स हिंदी (Maiya Hai Meri Sherawali Lyrics In Hindi) - Mata Rani New Bhajan - BhaktiLok

185 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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मैया है मेरी शेरावाली लिरिक्स हिंदी (Maiya Hai Meri Sherawali Lyrics In Hindi) - 


॥ श्लोक ॥

दरबार हजारो देखे है
पर माँ के दर सा कोई
दरबार नही
जिस गुलशन मे
माँ का नूर ना हो
ऐसा तो कोई गुलज़ार नही
दुनिया से भला मै क्या माँगु
दुनिया तो एक भीखारन है
माँगता हूँ अपनी माता से
जहाँ होता कभी इनकार नही॥

मैय्या है मेरी शेरोवाली
शान है माँ की बड़ी निराली
सच्चा है माँ का दरबार
मैय्या का जवाब नही॥

ऊँचे पर्वत भवन निराला
भवन मे देखो सिंघ विशाला
सिंघ पे है मैय्या जी सवार
मैय्या का जवाब नही॥॥

माथे की बिंदियां चम चम चमके
हाथो का कंगना खन खन खनके
लाल गले मे हार
मैय्या का जवाब नही॥॥

माँ है दुर्गा माँ है काली
भक्तो की झोली भरने वाली मैया
करती बेड़ा पार
मैय्या का जवाब नही॥॥

नंगे पेरौ अकबर आया
ला सोने छत्र चढ़ाया
दुर किया अहंकार
मैय्या का जवाब नही॥॥

मैय्या है मेरी शेरोवाली
शान है माँ की बड़ी निराली
सच्चा है माँ का दरबार
मैय्या का जवाब नही॥

मैया है मेरी शेरावाली लिरिक्स (Maiya Hai Meri Sherawali Lyrics In English)


॥ Shalok ॥

Darbaar Hazaro Dekhe Hai
Par Maa Ke Dar Sa Koi
Darbaar Nahi Hai
Jis Gulshan Me
Maa Ka Noor Naa Ho

Aisa To Koi Gulzaar Nahi
Duniya Se Bhala Me Kya Mangu
Duniya To Ek Bikharan Hai
Mangata Hu Apni Mata Se
Jaha Hota Kabhi Inkaar Nahi

Maiya Hai Meri Sherowali
Shaan Hai Maa Ki Badi Nirali
Saccha Hai Maa Ka Darbaar
Maiya Ka Jabab Nahi

Uche Parbat Bhawan Nirala
Bhawan Me Dekho Singh Vishala
Singh Pe Hai Maiya Ji Sawar
Maiya Ka Jabab Nahi

Mathe Kibindiya Cham Cham Chamke
Hatho Ka Kangana Khan Khan Khanke
Laal Gale Me Haar Hai
Maiya Ka Jabab Nahi

Maa Hai Durga Maa Hai Kali
Bhakto Ki Jholi Bharne Wali Maiya
Karti Hai Bedapaar
Maiya Ka Jabab Nahi

Nange Pero Akbar Aaya
Laa Sone Chatra Chadhaya
Dur Kiya Ahankaar
Maiya Ka Jabab Nahi

Maiya Hai Meri Sherowali
Shaan Hai Maa Ki Badi Nirali
Saccha Hai Maa Ka Darbaar
Maiya Ka Jabab Nahi



🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "मैया है मेरी शेरावाली लिरिक्स हिंदी (Maiya Hai Meri Sherawali Lyrics In Hindi) - Mata Rani New Bhajan - BhaktiLok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 15 Aug 2026

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