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Durga Bhajan Lyrics

Mai Maharani Aa Gail Lyrics (माई महारानी आ गईल) – Khesari Lal Yadav Bhojpuri Devi Bhajan 2026 | Hamra Gaon Mein

292 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 माई महारानी आ गईल – हमरा गाँव में

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें।

(Mai Maharani Aa Gail Lyrics In Hindi & Bhojpuri) – Khesari Lal Yadav Bhojpuri Devi Bhajan 2026

गायक: खेसारी लाल यादव || गीतकार: कृष्णा बेदर्दी || संगीत: राजनी राजा || म्यूजिक लेबल: ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: खेसारी लाल यादव
✍️ गीतकार: कृष्णा बेदर्दी
🎵 संगीत: राजनी राजा
🏷️ श्रेणी: भोजपुरी देवी भजन
🎬 स्टार कास्ट: खेसारी लाल यादव, निशा पांडेय
🎥 निर्माता: राजकुमार सिंह
🏢 म्यूजिक लेबल: ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि.

📜 भजन लिरिक्स (भोजपुरी में)

॥ स्थायी ॥

छोड़ी पहाड़ भईल बघवा सवार हो
चल देहली अपना सेवक दुआर हो
हं हं हं…
छोड़ी पहाड़ भईल बघवा सवार हो
चल देहली अपना सेवक दुआर हो

त झुला झुलेली निमिया के छाव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में

॥ अंतरा १ ॥

हां कंचन थारी, कपुरुआ, आलोबत्तिया
बारी-बारी सभे उतारत अरतिया
त देखी दुलरी दुलरिया अगरा गईली
सुतल भगतन के भगिया जगा गईली

की लोग चढ़ल बा भक्ति के नाव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में

जय माँ
जय माँ
जय माँ

॥ अंतरा २ ॥

हां पवन सुहावन पंडाल लगे प्यारा
जय माता के गूंज त जयकारा
त देख पंडितजी पाठ करवाये ले
फूल अड़उल मालिन ली आये ले

खेसारी बेदर्दी रहे ले पाँव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में

त झुला झुलेली निमिया के छाव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में
माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में

🎤 गायक :- खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav)

✍️ गीतकार :- कृष्णा बेदर्दी (Krishna Bedardi)

🎵 संगीत :- राजनी राजा (Rajni Raja)

🎬 स्टार कास्ट :- खेसारी लाल यादव, निशा पांडेय (Nisha Pandey)

🎥 निर्माता :- राजकुमार सिंह (Rajkumar Singh)

🏢 म्यूजिक लेबल :- ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. (Global Music Junction Pvt. Ltd.)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भोजपुरी देवी भजन "माई महारानी आ गईल" खेसारी लाल यादव की आवाज़ में माँ के आगमन की अद्भुत अनुभूति कराता है। भक्त गाँव वालों को सूचित करता है कि माई महारानी (माँ दुर्गा/काली/देवी) हमारे गाँव में आ गई हैं।

"छोड़ी पहाड़ भईल बघवा सवार हो" – माँ ने अपना पहाड़ी निवास (संभवतः विन्ध्याचल या अन्य शक्तिपीठ) छोड़ दिया है और वे बाघ पर सवार होकर आ रही हैं। वे अपने सेवक के द्वार पर पधार रही हैं।

"त झुला झुलेली निमिया के छाव में" – माँ नीम के पेड़ की छाया में झूला झूल रही हैं। यह देवी के शीतल और कृपालु स्वरूप को दर्शाता है। नीम का पेड़ देवी से जुड़ा हुआ पवित्र वृक्ष है।

"कंचन थारी, कपुरुआ, आलोबत्तिया" – भक्त माँ की आरती उतार रहे हैं। कंचन थारी (सोने की थाली), कपूर और आलोबत्तियाँ (अगरबत्तियाँ) से माँ की पूजा हो रही है। बारी-बारी से सभी आरती उतार रहे हैं।

"सुतल भगतन के भगिया जगा गईली" – माँ ने सोए हुए भक्तों के भाग्य को जगा दिया है। उनकी कृपा से भक्तों के जीवन में नई चेतना आ गई है।

"पवन सुहावन पंडाल लगे प्यारा" – गाँव में सुहावना पंडाल लगा है, और चारों ओर "जय माता की" के जयकारे गूंज रहे हैं। पंडित जी पाठ करवा रहे हैं और मालिन फूल लेकर आ रही है।

"खेसारी बेदर्दी रहे ले पाँव में" – गीतकार कृष्णा बेदर्दी और गायक खेसारी लाल यादव माँ के चरणों में रहने की कामना करते हैं – यह पूर्ण समर्पण का भाव है।

🔍 भोजपुरी देवी भजन का विशेष महत्त्व

खेसारी लाल यादव: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने इस भजन के माध्यम से अपनी आवाज़ दी है। उनके गाए इस देवी भजन ने उत्तर भारत विशेषकर बिहार, यूपी और झारखंड में धूम मचा दी है।

कृष्णा बेदर्दी के बोल: प्रसिद्ध भोजपुरी गीतकार कृष्णा बेदर्दी ने इस भजन में देसी भोजपुरी शब्दों का प्रयोग करते हुए गाँव की संस्कृति और माँ के प्रति अगाध श्रद्धा को बखूबी प्रस्तुत किया है। "बेदर्दी" शब्द उनके नाम के साथ जुड़ा है और इस भजन में उन्होंने अपने नाम को "खेसारी बेदर्दी" के रूप में अमर कर दिया है।

भोजपुरी लोक संस्कृति का प्रतिबिंब: यह भजन पूरी तरह से भोजपुरी लोक संस्कृति का प्रतिबिंब है। नीम के पेड़ की छाया में झूला, पंडाल का आयोजन, आरती उतारना, पंडित जी द्वारा पाठ करवाना, मालिन द्वारा फूल लाना – ये सभी दृश्य गाँव में होने वाले देवी पूजन के आयोजन के जीवंत चित्रण हैं।

बाघ पर सवार माँ: "बघवा सवार" से तात्पर्य है कि माँ बाघ पर सवार हैं। यह दुर्गा माँ का स्वरूप है जो बाघ पर सवार होती हैं। यह शक्ति और साहस का प्रतीक है।

ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन: यह भजन राजकुमार सिंह द्वारा निर्मित और ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन म्यूजिक लेबल पर रिलीज़ हुआ है। राजनी राजा ने इस भजन को ऐसा संगीत दिया है जो भोजपुरी लोक धुनों के साथ आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

💖 माँ के आगमन का उल्लास

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि माँ महारानी (देवी) अपने भक्तों के बीच आती हैं। वे पहाड़ छोड़कर, बाघ पर सवार होकर गाँव-गाँव में पधारती हैं। भक्तों का कर्तव्य है कि वे माँ का स्वागत करें, आरती उतारें, और माँ के चरणों में समर्पित रहें। माँ के आगमन से पूरा गाँव भक्तिमय हो जाता है।

✨ भक्ति और लोक संस्कृति का संगम

माई महारानी आ गईल केवल एक भजन नहीं, बल्कि भोजपुरी लोक संस्कृति और देवी भक्ति का अद्भुत संगम है। खेसारी लाल यादव की ऊर्जा और कृष्णा बेदर्दी के शब्दों ने मिलकर एक ऐसा भजन रचा है जो हर उस भक्त के दिल को छू लेता है जो माँ के दर्शनों को तरसता है।

🙏 जय माँ !! माई महारानी आ गईल हमरा गाँव में !! जय माता की 🙏

॥ खेसारी लाल यादव का भोजपुरी देवी भजन ॥
॥ माई महारानी आ गईली हमरा गाँव में ॥

गायक: खेसारी लाल यादव | गीतकार: कृष्णा बेदर्दी | संगीत: राजनी राजा

म्यूजिक लेबल: ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन | निर्माता: राजकुमार सिंह

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सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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