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Hanuman Bhajan

सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा (हनुमान जन्मोत्सव 2026) भजन लिरिक्स | Sun Lo Pukar Mere Hanumat Baba Hansraj Raghuwanshi Lyrics

266 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

(Sun Lo Pukar Mere Hanumat Baba) – हनुमान जन्मोत्सव 2026 भजन

🎤 गायक: हंसराज रघुवंशी | तर्ज: भावपूर्ण पुकार (Soulful Vinati)

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: हंसराज रघुवंशी
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / प्रार्थना / विनती
🎶 तर्ज: भावपूर्ण पुकार (हंसराज रघुवंशी स्टाइल)
📀 भाव: करुण पुकार, शरणागति, संकटमोचन की प्रार्थना, हनुमान जन्मोत्सव 2026 पर विशेष

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ मुखड़ा ॥

सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा,
सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा।
जग से मैं हारा, बेसहारा—बेसहारा मैं।
(मारुति-नंदन)
सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा,
सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा॥

॥ अंतरा १ – शरणागति का बल ॥

जो भी आए तेरी शरण,
उसकी जय-जयकार हो।
हाथ तू पकड़ ले जिसका,
कैसे उसकी हार हो॥

मैं भी खड़ा हूँ द्वारे,
झोली पसार के।
जाऊँगा अपनी बिगड़ी
किस्मत सँवार के॥

तुम जाने दोगे कौन देगा
मेरी नैया को किनारा।
(मारुति-नंदन)
हे दुःख-भंजन, मारुति-नंदन,
सुन लो मेरी पुकार।
हे भगवान, सुन लो मेरी पुकार॥

॥ अंतरा २ – संकटमोचन की प्रार्थना ॥

जैसे लखन के प्राण बचाए,
संकटमोचन बनकर कर आए।
जैसे लखन के प्राण बचाए,
संकटमोचन बनकर कर आए॥

वैसे मेरी भी प्रभु लाज बचाओ,
राम के जैसे प्रभु काम बनाओ।
कसम राम जी की, मेरा दुःख जो न निवारा॥
(मारुति-नंदन)

॥ सीताराम मंत्र ॥

सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिए,
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए।
सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिए,
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए।
सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिए,
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए॥

🎤 गायक : हंसराज रघुवंशी

🎵 तर्ज : भावपूर्ण पुकार / हंसराज रघुवंशी स्टाइल

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत मार्मिक हनुमान भजन हनुमान जन्मोत्सव 2026 के अवसर पर हंसराज रघुवंशी द्वारा प्रस्तुत किया गया है। “सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा” – भक्त हनुमान जी से करुणा पूर्वक अपनी पुकार सुनने का आग्रह करता है। वह कहता है कि वह संसार से हार चुका है और बेसहारा है।

पहले अंतरे में भक्त कहता है कि जो भी हनुमान जी की शरण में आता है, उसकी जय-जयकार होती है। जिसका हाथ वे पकड़ लेते हैं, उसकी हार नहीं हो सकती। भक्त हनुमान जी के द्वार पर झोली पसारे खड़ा है और अपनी बिगड़ी किस्मत सँवारने की प्रार्थना करता है। “तुम जाने दोगे कौन देगा मेरी नैया को किनारा” – वह पूछता है कि यदि हनुमान जी नहीं सुनेंगे तो और कौन उसकी नैया पार लगाएगा। वे दुःख-भंजन, मारुति-नंदन हैं – अतः अपनी पुकार सुनने का आग्रह है।

दूसरे अंतरे में भक्त लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग का स्मरण करता है – जैसे हनुमान जी ने संकटमोचन बनकर लक्ष्मण के प्राण बचाए थे, वैसे ही प्रभु उसकी लाज बचाएँ और राम की तरह उसका काम बनाएँ। वह राम की कसम खाते हुए कहता है कि यदि उसका दुःख न निवारा गया तो… (यह भक्त की व्याकुलता को दर्शाता है)।

अंत में “सीताराम, सीताराम” मंत्र के माध्यम से समर्पण का भाव व्यक्त किया गया है – जैसे राम रखें, वैसे ही रहना चाहिए।

यह भजन हनुमान जी के प्रति पूर्ण समर्पण और विश्वास का प्रतीक है, विशेषकर हनुमान जयंती पर यह और भी प्रासंगिक हो जाता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

हनुमान जन्मोत्सव 2026 का विशेष भजन: यह भजन हनुमान जयंती के पावन अवसर पर भक्तों की करुण पुकार को प्रस्तुत करता है। इसमें शरणागति, विश्वास और संकटमोचन की प्रार्थना का अद्भुत समन्वय है।

हंसराज रघुवंशी की भावपूर्ण शैली: “तर्ज: भावपूर्ण पुकार” इस बात का संकेत है कि यह भजन अत्यंत भावुक और आत्मीय शैली में गाया गया है, जो श्रोता के हृदय को सीधे छूती है।

लक्ष्मण प्रसंग का स्मरण: “जैसे लखन के प्राण बचाए” पंक्ति हनुमान जी की संकटमोचक भूमिका को दर्शाती है और भक्त को आश्वस्त करती है कि वे आज भी उसी प्रकार रक्षा कर सकते हैं।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

जीवन में जब कोई सहारा न हो, तो हनुमान जी ही एकमात्र सहारा हैं। उनकी शरण में जाने से सब संकट दूर होते हैं। उनकी पुकार सुनने की क्षमता अपार है, बस सच्चे मन से पुकारने की आवश्यकता है।

✨ आस्था का प्रतीक

हनुमान जयंती 2026 पर यह भजन लाखों भक्तों के हृदय में भक्ति का संचार करेगा। “सीताराम” मंत्र के माध्यम से समर्पण का भाव और भी गहरा हो जाता है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय हनुमान ।। सुन लो पुकार मेरे हनुमत बाबा ।।

॥ इति हंसराज रघुवंशी कृत भजनम् ॥
॥ हनुमान जन्मोत्सव 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ ॥
श्रेणियां: Hanuman Bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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