आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
Durga Bhajan Lyrics

Durga Hai Meri Maa Ambe Hai Meri Maa Lyrics (दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ) – Maa Durga Bhajan 2026 | Sheronwali Maa

383 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
आकार:
कंट्रास्ट:

🙏 दुर्गा है मेरी माँ – अम्बे है मेरी माँ

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें।

(Durga Hai Meri Maa Ambe Hai Meri Maa Lyrics In Hindi) – Maa Durga Bhajan 2026 | Sheronwali Maa

शक्ति भजन || माँ दुर्गा

📝 भजन विवरण

🎤 शैली: माँ दुर्गा भजन / शक्ति भजन
🏷️ श्रेणी: दुर्गा भजन, अम्बे भजन
📍 भाव: श्रद्धा, समर्पण, माँ की महिमा

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

दुर्गा है मेरी माँ,
अम्बे है मेरी माँ॥

॥ जयकार ॥

जय बोलो जय माता दी, जय हो॥
जो भी दर पे आए, जय हो॥
वो खाली न जाए, जय हो॥
सबके काम है करती, जय हो॥
सबके दुखरे हरती, जय हो॥
मैया मेरी शेरोवाली, जय हो॥
भरदे झोली खाली, जय हो॥
मैया मेरी शेरोवाली, जय हो॥
भरदे झोली खाली, जय हो॥

दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥

॥ अंतरा १ ॥

सारे जग को खेल खिलाये,
बिछड़ों को जो खूब मिलाये,
दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥

॥ अंतरा २ ॥

पूरे करे अरमान जो सारे,
देती है वरदान जो सारे,
दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥

दुर्गा है मेरी माँ,
अम्बे है मेरी माँ॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन "दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ" माँ दुर्गा की महिमा का अद्भुत गान है। भक्त स्पष्ट स्वर में कहता है कि उसकी माँ स्वयं दुर्गा हैं, अम्बे हैं। यह भजन शेरोवाली माँ की शक्ति, करुणा और भक्तों पर उनकी कृपा का गुणगान करता है।

"जय बोलो जय माता दी, जय हो" – यह जयकार भक्तों को एक साथ माँ की जयकार लगाने के लिए प्रेरित करती है।

"जो भी दर पे आए, जय हो, वो खाली न जाए, जय हो" – यह पंक्ति माँ की उदारता को दर्शाती है। उनके द्वार पर आने वाला कोई भी भक्त खाली नहीं लौटता।

"सबके काम है करती, सबके दुखरे हरती" – माँ सबके कार्य सिद्ध करती हैं और सबके दुखों का हरण करती हैं।

"मैया मेरी शेरोवाली, भरदे झोली खाली" – शेरोवाली माँ से प्रार्थना है कि वह भक्त की खाली झोली (जीवन) को भर दें – अर्थात सुख-समृद्धि और भक्ति से परिपूर्ण कर दें।

"सारे जग को खेल खिलाये, बिछड़ों को जो खूब मिलाये" – यह दुर्गा माँ की लीला का वर्णन है। वे समूचे जगत को अपने खेल में रमाती हैं और बिछड़े हुए प्राणियों को मिलाती हैं।

"पूरे करे अरमान जो सारे, देती है वरदान जो सारे" – माँ सभी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं और सबको वरदान देती हैं।

यह भजन माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा, समर्पण और उनकी असीम कृपा को बड़े ही सरल और भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करता है।

🔍 माँ दुर्गा भजन का विशेष महत्त्व

शेरोवाली माँ: यह भजन माँ दुर्गा के सिंह वाहिनी (शेर पर सवार) स्वरूप की महिमा का गान करता है। शेर शक्ति और साहस का प्रतीक है।

जयकारों का उल्लास: भजन में बार-बार "जय हो" का प्रयोग उत्साह और सामूहिक भक्ति के भाव को दर्शाता है। यह नवरात्रि या दुर्गा पूजा के अवसरों पर सामूहिक रूप से गाने के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।

माँ की उदारता: "खाली न जाए", "झोली भरदे" – ये पंक्तियाँ माँ की असीम दयालुता और उदारता को दर्शाती हैं। वे अपने भक्तों की हर आवश्यकता को पूरा करती हैं।

बिछड़ों को मिलाने वाली: "बिछड़ों को जो खूब मिलाये" – यह पंक्ति माँ के उस स्वरूप का वर्णन करती है जो प्रेमियों, परिवारों और आत्माओं को पुनः जोड़ती है।

💖 माँ की कृपा का आह्वान

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि माँ दुर्गा ही हमारी सच्ची माँ हैं। वे सबकी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं, सबके दुख हरती हैं, और अपने भक्तों को कभी खाली हाथ नहीं लौटातीं। जो भी सच्चे मन से उनके द्वार पर आता है, वह उनकी असीम कृपा का पात्र बनता है।

✨ शक्ति और करुणा का संगम

दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ यह भजन केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि उस विश्वास की अभिव्यक्ति है जो भक्त को माँ के प्रति होता है। यह भजन हर उस व्यक्ति को प्रेरणा देता है जो माँ से आशीर्वाद, सुख-समृद्धि और जीवन की हर उलझन से मुक्ति पाना चाहता है।

🙏 ॐ दुं दुर्गायै नमः || जय अम्बे, जय जगदम्बे माँ || शेरोवाली माँ की जय 🙏

॥ माँ दुर्गा भजन ॥
॥ मैया मेरी शेरोवाली, भरदे झोली खाली ॥

लोकप्रिय माँ दुर्गा भजन | Popular Maa Durga Bhajan

॥ दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ ॥

श्रेणियां: Durga Bhajan Lyrics

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
`; body.appendChild(typingIndicator); body.scrollTop = body.scrollHeight; // Response Delay setTimeout(() => { if (body.contains(typingIndicator)) { body.removeChild(typingIndicator); } const responseText = matchResponse(query); const guruMsg = document.createElement('div'); guruMsg.className = 'chat-msg guru'; voiceCounter++; const btnId = `global-guru-speech-${voiceCounter}`; guruMsg.innerHTML = `
${responseText}
`; body.appendChild(guruMsg); body.scrollTop = body.scrollHeight; }, 1200); } } if (document.readyState === 'loading') { document.addEventListener('DOMContentLoaded', initChatbot); } else { initChatbot(); } })(); �थ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } let voiceCounter = 0; window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; utterance.onend = () => { btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
`; body.appendChild(typingIndicator); body.scrollTop = body.scrollHeight; // Response Delay setTimeout(() => { body.removeChild(typingIndicator); const responseText = matchResponse(query); const guruMsg = document.createElement('div'); guruMsg.className = 'chat-msg guru'; voiceCounter++; const btnId = `global-guru-speech-${voiceCounter}`; guruMsg.innerHTML = `
${responseText}
`; body.appendChild(guruMsg); body.scrollTop = body.scrollHeight; }, 1200); } });