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Durga Bhajan Lyrics

ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata Lyrics in Hindi) - Laxmi Aarti - Bhaktilok

65 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें


ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata Lyrics in Hindi) - Laxmi  Aarti - Bhaktilok

ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata Lyrics in Hindi) - Laxmi  Aarti - 


Title - Maa Laxmi Ki Aarti | Om Jai Lakshmi Mata

Singer - Minakshi Majumdar { Minaakshi Mazumdar }

Lyricist: Traditional

Album - Devotional Bhakti Songs Vol. 1

MUSIC COMPOSERS - Goutam Banerjee

 

ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata Lyrics in Hindi) - 


ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।

तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।

सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।

जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।

कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।

सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।

खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।

उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

सब बोलो लक्ष्मी माता की जय, लक्ष्मी नारायण की जय।


Laxmi Mata Aarti Song Lyrics in  English

Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata

Tumko Nis Din Shewat, Har Vishnu Dhata

Om Jai Lakshmi Mata…

Uma Rama Brahmani, Tumhi Jag Mata

Surya Chandrama Dhyavat, Narad Rishi Gata

Om Jai Lakshmi Mata…

Durga Roop Niranjani, Sukh Sampati Data

Jo Koi Tumko Dhyawat, Riddhi Siddhi Dhan Pata

Om Jai Lakshmi Mata…

Tum Patal ki Vasini, Tum hi Shubh Data

Karma Prabhava prakashini, Jag nidhi Ki Trata

Om Jai Lakshmi Mata…

Jis Ghar me Tum Rahti, Sab Sadguna Ata

Sab Sambhav ho jata, maan nahi ghabrata

Om Jai Lakshmi Mata…

Tum Bin yagya na howe, vastra na koi pata

Khan paan ka vaibhav, sab tumse ata

Om jai Lakshmi Mata…

Shubh Guna Mandir Sunder, Kshirodadhi jata

Ratna Chaturdas tum bin, koi nahin pata

Om Jai Lakshmi Mata…

Maha Lakshmiji ki Aarti, jo koi jan gata

Ur Anand Samata, paap Utar jata

Om jai lakshmi Mata…

Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata

Tumko Nis Din Shewat, Har Vishnu Dhata

Om Jai Lakshmi Mata…



मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

आदिशक्ति माता दुर्गा, महालक्ष्मी और महासरस्वती को समर्पित यह भजन "ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata Lyrics in Hindi) - Laxmi Aarti - Bhaktilok" जगत जननी की कृपा और महिमा का गान करता है। सनातन परंपरा में स्त्री शक्ति को सृष्टि का आदि कारण माना गया है। इस भजन की एक-एक पंक्ति माता के ममतामयी और दुष्टनाशिनी रूप का वर्णन करती है।

भजन का मूल स्वर माता के प्रति समर्पण का है। जब भक्त माता के चरणों में प्रणाम कर अपनी प्रार्थना रखता है, तो देवी मां उसके समस्त कष्टों को हर लेती हैं। यह भजन साधक के भीतर शक्ति, करुणा, तेज और पवित्रता का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

देवीभागवत पुराण के अनुसार, माता की उपासना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की सिद्धि होती है। विशेषकर नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के भजनों का संकीर्तन करने से घर में रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि का वास होता है।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। देवी भजनों के संकीर्तन से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, दरिद्रता का नाश होता है और व्यापार तथा नौकरी में उन्नति के द्वार खुलते हैं। यह जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा का अनुभव कराता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

माता की पूजा के लिए शुक्रवार, अष्टमी तिथि और नवरात्रि का काल सर्वोत्तम है। पूजा स्थान पर लाल फूल, धूप-दीप अर्पित कर मां के सामने घी का अखण्ड ज्योत जलाएं और भक्तिभाव से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मां दुर्गा के भजनों का संकीर्तन विशेष रूप से कब करना चाहिए?

यद्यपि नियमित संकीर्तन उत्तम है, किन्तु शुक्रवार के दिन और शारदीय व चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के भजन असीम सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

देवी पूजा में किस रंग के वस्त्रों का उपयोग करना शुभ माना जाता है?

माता दुर्गा और शक्ति स्वरूपा देवी पूजा में लाल, पीले अथवा नारंगी (भगवा) रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना गया है।

क्या देवी उपासना से व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं?

हाँ, मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की कृपा से व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Aug 2026

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