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Durga Bhajan Lyrics

नमो नमो दुर्गे सुख करनी (Namo Namo Durge Sukh Karni Lyrics in Hindi) - Durga Chalisa - Bhaktilok

80 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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दुर्गा चालीसा: मंगलमय साधना का स्तुतिपाठ

इस भजन का पाठ करने से दुर्गा माता की कृपा प्राप्त होती है और सभी दुखों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नम ते दुर्गे सुख करनी।। नमो कालिका सुख करनी। नम ते कालिका सुख करनी।। नमो सुभदा सुख करनी। नम ते सुभदा सुख करनी।। नमो चामुण्डा सुख करनी। नम ते चामुण्डा सुख करनी।। नमो दुर्गे सुख करनी। नम ते दुर्गे सुख करनी।। नमो भगवती सुख करनी। नम ते भगवती सुख करनी।। नमः प्रज्ञा सुख करनी। नम ते प्रज्ञा सुख करनी।। नमः तारा सुख करनी। नम ते तारा सुख करनी।। जिनके भजने दुख जाने। जिनका भजन करने से, सब दुःख जाने।। शुक्रवार स्पेशल - दुर्गा चालीसा का पाठ करने से दूर होंगे सारे दुख। नमो नमो दुर्गे सुख करनी।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'नमो नमो दुर्गे सुख करनी' में माँ दुर्गा को सम्बोधित किया गया है, जो सुख और शांति का स्रोत मानी जाती हैं। प्रारंभ में, 'नमो नमो दुर्गे सुख करनी' का मंत्र बार-बार उच्चारित किया गया है, जो भक्त की गहरी श्रद्धा और विनम्रता को दर्शाता है। इस भजन के माध्यम से भक्त माँ दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की याचना करते हैं। यह देवी दुर्गा केवल शक्ति और युद्ध की देवी नहीं बल्कि सुख-शांति की दात्री भी हैं। 'नम ते दुर्गे सुख करनी' के माध्यम से भक्ता अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं कि वे माँ दुर्गा की सभी सुखों की परिकल्पना के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

इस भजन में विभिन्न रूपों में माँ दुर्गा की स्तुति की गई है, जैसे कालिका, चामुण्डा, भगवती आदि। हर एक नाम के माध्यम से, भक्त अपने व्यक्तिगत भावनात्मक संबंध और श्रद्धा को दर्शाते हैं। 'जिनके भजनने दुख जाने' का अभिप्राय है कि माँ दुर्गा के भजन का फल यह है कि दुखी मनुष्य माँ के नाम के गुणगान से अपने मानसिक दुःखों को भूल जाता है। यह भावार्थ इस बात को स्पष्ट करता है कि जब कोई भक्त सच्चे मन से माँ दुर्गा का ध्यान करता है, तो उसकी जीवन की कठिनाइयाँ और दुख दूर हो जाते हैं।

यह भजन भक्ति मार्ग का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां भक्त अपनी समर्पण भावना के माध्यम से दिव्य शक्ति को आकर्षित करते हैं। 'नमो' का अर्थ है निवेदन करना, यह दिखाता है कि भक्त अपनी आत्मा को पूरी तरह से माँ दुर्गा के प्रति समर्पित कर चुका है। माँ दुर्गा का भक्त न केवल युद्धों में जीत के लिए बल्कि जीवन के संकटों में भी विजय प्राप्त करता है। यहाँ, भक्ति का मार्ग केवल आस्था और श्रद्धा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सक्रिय साधना है जो भक्त को मानसिक और आत्मिक स्तर पर बल प्रदान करती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन कई पुराणों में माँ दुर्गा की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए महत्व रखता है। दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान, भगवती की उपासना करने से भक्तों को आशिर्वाद एवं शांति की प्राप्ति होती है। देवी दुर्गा के प्रति यह प्रार्थना एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जो भक्तों में आंतरिक शक्ति और साहस का संचार करती है। इस प्रकार, यह भजन केवल एक साधना नहीं है, बल्कि यह भक्तों को मानसिक दृढ़ता और आत्म-विश्वास प्रदान करता है, जैसी कि महाभारत और देवी भागवत में देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन किया गया है।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। इस भजन का नियमित पाठ करने से व्यक्ति की मानसिक स्थिति बेहतर होती है, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। यह तनाव को कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सुख-शांति की अनुभूति कराने में सहायक है। माता दुर्गा की कृपा से भक्ति के माध्यम से सभी शारीरिक और मानसिक बीमारियों से मुक्ति प्राप्त होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह या शाम को किया जा सकता है। पूजा के स्थान को स्वच्छ रखकर वहाँ एक दीपक जलाना चाहिए तथा माता को फूल, फल, और मिष्ठान का नैवैद्य अर्पित करना चाहिए। भक्त को ध्यान लगाकर और प्रेमपूर्वक इस भजन का उच्चारण करना चाहिए। ध्यान के दौरान मन को भक्ति में स्थिर रखना आवश्यक होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या 'नमो नमो दुर्गे सुख करनी' का पाठ करने से सभी दुख दूर होते हैं?

'नमो नमो दुर्गे सुख करनी' का पाठ करने से भक्त को मानसिक शांति और सुख की अनुभूति होती है, जिससे दुखों का प्रभाव कम हो जाता है।

किस समय 'नमो नमो दुर्गे सुख करनी' का पाठ करना चाहिए?

'नमो नमो दुर्गे सुख करनी' का पाठ सुबह या शाम, विशेषकर शुक्रवार को करना अधिक शुभ माना जाता है।

क्या इस भजन का पाठ केवल दुर्गा पूजा में करना चाहिए?

नहीं, यह भजन किसी भी समय किया जा सकता है, जब भक्त माँ दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद की कामना करता है।

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'नमो नमो दुर्गे सुख करनी भजन से मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है। देवी दुर्गा की कृपा से सभी दुख दूर हो जाते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 21 Aug 2026

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