सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 17
1,810+ पावन रचनाएँ

Krishna Stotram
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Krishna Stotram के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

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Krishna Stotram परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Krishna Stotram का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Krishna Stotram संग्रह (1810)

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Krishna Stotram

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने (Racha Hai Shristi Ko Jis Prabhu Ne) - श्री देवेन्द्र जी महाराज - Bhaktilok

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने (Racha Hai Shristi Ko Jis Prabhu Ne) - श्री देवेन्द्र जी महाराज - Bhaktiloरचा है सृष्टि को जिस प्रभु…

सो
Krishna Stotram

सोचै सोचि न होवई (एक ओंकार सतनाम कर्ता पुरख मूल मंत्र) | (Ek Onkar Satnam Karta Purakh Mool Mantra)

"सोचै सोचि न होवई" गुरु नानक देव जी द्वारा रचित 'जपुजी साहिब' का एक अत्यंत गहन और दार्शनिक अंश है। यह मूल मंत्र 'एक ओंकार' से प्रा…

झू
Krishna Stotram

झूठे को झूठा मिले दूंणा बंधे सनेह दोहे का अर्थ(Jhoothe Ko Jhootha Mile Duna Bandhe Sneh Dohe Ka Arth in Hindi)

झूठे को झूठा मिले दूंणा बंधे सनेह दोहे का अर्थ और भावार्थ | Bhaktilok.in संत कबीर दास जी की वाणी केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन का दर्…

जा
Krishna Stotram

जाति न पूछो साधु की पूछ लीजिये ज्ञान मोल करो तरवार का दोहे का अर्थ(Jati Na Puchho Sadhu Ki Puchh Lijiye Gyan Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok

जाति न पूछो साधु की पूछ लीजिये ज्ञान मोल करो तरवार का दोहे का अर्थ(Jati Na Puchho Sadhu Ki Puchh Lijiye Gyan Dohe Ka Arth in Hindi…

ते
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तेरा मेरा साँवरे ऐसा नाता है लिरिक्स (Tera Mera Sanware Aisa Nata Lyrics in Hindi) - Khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok

"तेरा मेरा साँवरे ऐसा नाता है" खाटू श्याम बाबा के भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी भजन है। यह भजन भक्त और भगवान के बीच…

ति
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तिनका कबहुँ ना निन्दिये जो पाँवन तर होय दोहे का अर्थ(TInaka Kabahu Na Nindaye Jo Pawan Tar Hoy Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok

तिनका कबहुँ ना निन्दिये जो पाँवन तर होय दोहे का अर्थ(TInaka Kabahu Na Nindaye Jo Pawan Tar Hoy Dohe Ka Arth in Hindi):- तिनका…

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नारी ने नर को जनम दीया क्या खेल रचाया नारी ने लिरिक्स (Naari ne nar ko janam diya kya khel rachaya naari ne Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

 नारी ने नर को जनम दीया क्या खेल रचाया नारी ने लिरिक्स (Naari ne nar ko janam diya kya khel rachaya naari ne Lyrics in Hindi)…

मे
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मेरी तिरंगा जान है और भगवा मेरी जान है लिरिक्स (Meri Tiranga Jaan Hai Bhagwa Meri Jaan Hai Lyrics in Hindi) - Desh Bhakti Song - Bhaktilok

 मेरी तिरंगा जान है और भगवा मेरी जान है लिरिक्स (Meri Tiranga Jaan Hai Bhagwa Meri Jaan Hai Lyrics in Hindi) -मेरी तिरंगा जान…

Krishna Stotram से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।