सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 6
1,685+ पावन रचनाएँ

Radha Krishna Bhajan
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Radha Krishna Bhajan के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

1,685+ रचनाएँ उपलब्ध
267,444+ साधक दर्शनार्थी
6 / 85 वर्तमान सूची पृष्ठ
विज्ञापन / ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजक संदेश · ज्ञान एवं आध्यात्मिकता को समर्पित डिजिटल मंच

Radha Krishna Bhajan परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Radha Krishna Bhajan का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Radha Krishna Bhajan संग्रह (1685)

पृष्ठ 6 का 85
मे
Radha Krishna Bhajan

मेला मैया दा आउँदा है हर साल लिरिक्स (mela maiya da aunda hai har saal Lyrics in Hindi) - Punjabi Devi Bhajan By Saleem - Bhaktilok

मेला मैया दा आउँदा है हर साल लिरिक्स (mela maiya da aunda hai har saal Lyrics in Hindi) - ओ मेला मईया दा आऊँदा ऐ हर सालओ लोकी…

आस
Radha Krishna Bhajan

आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा लिरिक्स (Aasra Ak Tera Ak Tera Sahara Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan Shyam Bhajan - Bhaktilok

"आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा" यह अत्यंत ही भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी कृष्ण भजन है, जो भक्त की अपने आराध्य के प्रति अटूट निष्ठा और पूर…

कश
Radha Krishna Bhajan

कशी जाऊ मी वृंदावना मूरली वाजवितो कान्हा लिरिक्स (Kashi Jau Mi Vrundavana Murali Wajvito Kanha Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

 कशी जाऊ मी वृंदावना मूरली वाजवितो कान्हा लिरिक्स (Kashi Jau Mi Vrundavana Murali Wajvito Kanha Lyrics in Hindi) - कशी ज…

सो
Radha Krishna Bhajan

सोहने मुखड़े दा लैन दे नज़ारा लिरिक्स (Sohne Mukhde Da Lain Da Najara Lyrics in Hindi) - Vinod Agarwal Shyam Bhajan - Bhaktilok

सोहने मुखड़े दा लैन दे नज़ारा लिरिक्स - परिचय एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि भक्ति और संगीत के संगम से सजे प्रसिद्ध श्याम भजन "सोहने मुख…

तु
Radha Krishna Bhajan

तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो लिरिक्स (Tum Hamare The Prabhu Ji Tum Hamare Ho Lyrics in HIndi) - Krishna Bhajan Jya Kishori Ji Bhajan - Bhaktilok

मारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो लिरिक्स (Tum Hamare The Prabhu Ji Tum Hamare Ho Lyrics in HIndi) - तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हम…

ते
Radha Krishna Bhajan

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ लिरिक्स भजन (Teri Bansi Ki Dhun Sunane Aayi Hu Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhajan - Bhaktilok

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ लिरिक्स भजन (Teri Bansi Ki Dhun Sunane Aayi Hu Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhaj…

म
Radha Krishna Bhajan

मेरे घर के आगे साईनाथ तेरा मन्दिर बन जाए भजन इन हिंदी लिरिक्स

 मेरे घर के आगे साईनाथ तेरा मन्दिर बन जाए भजन इन हिंदी लिरिक्स मेरे घर के आगे साईनाथ तेरा मन्दिर बन जाए,जब खिड़

दर
Radha Krishna Bhajan

दर्द किसको दिखाऊ कन्हैया कोई हमदर्द तुमसा नहीं है लिरिक्स (Dard Kisko Dikhau Kanhaiya Koi Dard Hamdard Tumsa Nahi Hai Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

 दर्द किसको दिखाऊ कन्हैया कोई हमदर्द तुमसा नहीं है लिरिक्स (Dard Kisko Dikhau Kanhaiya Koi Dard Hamdard Tumsa Nahi Hai Lyrics…

का
Radha Krishna Bhajan

काल की विक्राल की महाकालेश्वर भस्म आरती लिरिक्स (Kaal Ki Vikral Ki Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan Anuradha Paudwal Bhasm Aarti ujjain - Bhaktilok

महाकालेश्वर भस्म आरती ( Mahakaleshwar Bhasma Aarti Lyrics in Hindi ) - भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म धारण करते हैं। यह भस्म कई …

ॐ
Radha Krishna Bhajan

ॐ जय शिव ओमकारा आरती (Om Jai Shiv Omkara Lyrics in Hindi) - मधुर आरती Shiv Ji Ki Aarti LAKHBIR SINGH LAKKHA Aartiyan - Bhaktilok

ॐ जय शिव ओमकारा आरती (Om Jai Shiv Omkara Lyrics in Hindi) -  जय शिव ओंकारा प्रभु हर शिव ओंकाराब्रह्मा विष्णु सदाशिव ब्र…

Radha Krishna Bhajan से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।