सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 7
1,685+ पावन रचनाएँ

Radha Krishna Bhajan
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Radha Krishna Bhajan के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

1,685+ रचनाएँ उपलब्ध
267,549+ साधक दर्शनार्थी
7 / 85 वर्तमान सूची पृष्ठ
विज्ञापन / ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजक संदेश · ज्ञान एवं आध्यात्मिकता को समर्पित डिजिटल मंच

Radha Krishna Bhajan परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Radha Krishna Bhajan का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Radha Krishna Bhajan संग्रह (1685)

पृष्ठ 7 का 85
गो
Radha Krishna Bhajan

गोपाल मुरलिया वाले विनोद अग्रवाल लिरिक्स इन हिंदी(Gopal Muralia Wale Vinod Agarwal Lyrics in Hindi ) - Bhaktilok

गोपाल मुरलिया वाले विनोद अग्रवाल लिरिक्स इन हिंदी(Gopal Muralia Wale Vinod Agarwal Lyrics in Hindi ) - गोपाल मुरलिया वालेनंदल…

जय
Radha Krishna Bhajan

जय माधव मदन मुरारी लिरिक्स (Jay Madhav Madan Murari Lyrics in Hindi ) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

"जय माधव मदन मुरारी" भक्ति साहित्य की उस अमूल्य परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण के अनंत नामों और …

श्
Radha Krishna Bhajan

श्याम सवेरे देखु तुझको कितना सुंदर रूप है लिरिक्स (Sham Sawere Dekhu Tujhko Kitna Sundar Roop Hai Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan - Bhaktilok

श्याम सवेरे देखु तुझको कितना सुंदर रूप है लिरिक्स (Sham Sawere Dekhu Tujhko Kitna Sundar Roop Hai Lyrics in Hindi) - श्याम भजन - B…

रं
Radha Krishna Bhajan

रंग बरसे बिरज में गुलाल बरसे – होली भजन (Rang Barse Brij Mein Gulal Barse) | Krishna Bhajan

रंग बरसे बिरज में गुलाल बरसे – यह प्रसिद्ध होली भजन ब्रज की होली, राधा-कृष्ण के प्रेम और रंगों के त्यौहार के उल्लास का वर्णन करता …

सब
Radha Krishna Bhajan

सब कुछ देना सांवरे पर अहंकार मत देना भजन लिरिक्स (Sab Kuch Dena Saware Par Ahankar Mat Dena Lyrics in Hindi) - Sona Jadhav Krishna Bhajan - Bhaktilok

 सब कुछ देना सांवरे पर अहंकार मत देना भजन लिरिक्स (Sab Kuch Dena Saware Par Ahankar Mat Dena Lyrics in Hindi) - सब कुछ द…

Mo
Radha Krishna Bhajan

Mohan Sang Khele Radha Pyari Barsane Mein Hori Lyrics (Krishna Bhajan) – मोहन सैंग खेले राधा प्यारी बरसाने में होरी

राधा-कृष्ण की बरसाने की दिव्य होली का सुंदर वर्णन करता यह भजन अभिराज राघवेंद्र द्वारा रचित है। नंदगाँव के कान्हा और बरसाने की राधा…

वृ
Radha Krishna Bhajan

वृन्दावन जाउंगी सखी ना लौट के आउंगी भजन लिरिक्स (Vrindawan Jaungi Sakhi Na Laut Ke Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

वृन्दावन जाउंगी सखी ना लौट के आउंगी भजन लिरिक्स (Vrindawan Jaungi Sakhi Na Laut Ke Lyrics in Hindi) -  सखी वृन्दावन जाउंगीमेर…

श्
Radha Krishna Bhajan

श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे लिरिक्स (Shri Ram Raameti Raameti Rame Raame Manorame Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan - Bhaktilok

 श्री राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे लिरिक्स (Shri Ram Raameti Raameti Rame Raame Manorame Lyrics in Hindi) - श्री रा…

Mo
Radha Krishna Bhajan

Mohan Sang Khele Radha Pyari Barsane Me Hori Lyrics (Holi Bhajan) – मोहन संग खेले राधा प्यारी बरसाने में होरी

मोहन संग खेले राधा प्यारी बरसाने में होरी – अभिराज राघवेंद्र का यह मधुर होली भजन बरसाने की होली और राधा-कृष्ण की अनोखी जोड़ी का वर…

हे
Radha Krishna Bhajan

हे लाडली सुध लीजे हमारी हे राधा रानी हे श्यामा प्यारी (Hey Ladali Sudh Leejo Hamari Lyrics in Hindi) - Radha krishna Bhajan - Bhaktilok

 हे लाडली सुध लीजे हमारी हे राधा रानी हे श्यामा प्यारी (Hey Ladali Sudh Leejo Hamari Lyrics in Hindi) - हे लाडली सुध लीज…

Radha Krishna Bhajan से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।