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भक्ति रस काव्य व भजन

राम नाम के हीरे मोती भजन इन हिंदी

48 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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राम नाम के हीरे मोती

राम नाम के हीरे मोती
मैं बिखराऊँ गली गली
कृष्ण नाम के हीरे मोती
मैं बिखराऊँ गली गली

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली

माया के दीवानों सुन लो
एक दिन ऐसा आएगा
धन दौलत और माल खजाना
यही पड़ा रह जायेगा
सुन्दर काया मिट्टी होगी
चर्चा होगी गली गली
बोलो राम बोलो राम
बोलो राम राम राम

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
राम नाम के हीरे मोती

क्यों करता तू मेरा मेरी
यह तो तेरा मकान नहीं
झूठे जन में फंसा हुआ है
वह सच्चा इंसान नहीं
जग का मेला दो दिन का है
अंत में होगी चला चली

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
राम नाम के हीरे मोती

जिन जिन ने यह मोती लुटे
वह तो माला माल हुए
धन दौलत के बने पुजारी
आखिर वह कंगाल हुए
चांदी सोने वालो सुन लो
बात सुनाऊँ खरी खरी
बोलो राम बोलो राम
बोलो राम राम राम

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
राम नाम के हीरे मोती

दुनिया को तू कब तक पगले
अपनी कहलायेगा
ईश्वर को तू भूल गया है
अंत समय पछतायेगा
दो दिन का यह चमन खिला है
फिर मुरझाये कलि कलि
बोलो राम बोलो राम
बोलो राम राम राम

राम नाम के हीरे मोती
मैं बिखराऊँ गली गली
कृष्ण नाम के हीरे मोती
मैं बिखराऊँ गली गली

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई श्याम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली

बोलो राम बोलो राम
बोलो राम राम राम
बोलो राम बोलो राम
बोलो राम राम राम

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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