Ram Bhajan

मन में बसे है प्रभु श्री राम भजन इन हिंदी

43 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित "मन में बसे है प्रभु श्री राम" भजन सनातन धर्म की भक्ति परंपरा का एक अत्यंत मधुर और हृदयस्पर्शी पद है। यह भजन न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम राम के प्रति अटूट आस्था को व्यक्त करता है, बल्कि साधक के अंतःकरण में प्रभु की उपस्थिति का निरंतर अनुभव कराने वाला एक दिव्य माध्यम भी है। राम नाम की महिमा कलयुग में तारक मंत्र के समान है, और जब यह नाम भजन के रूप में हृदय में उतरता है, तो समस्त सांसारिक क्लेश और मानसिक अशांति स्वतः ही विलीन हो जाती है। यह भजन विशेष रूप से सत्संग, रामनवमी, दीपावली और दैनिक पूजा-अर्चना के समय गाया जाता है। इसमें निहित भाव 'शरणागति' का है, जहाँ भक्त अपने आराध्य को अपने मन के मंदिर में विराजमान मानकर उनसे एकाकार होने की प्रार्थना करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मन में बसे है प्रभु श्री राम,
मन में बसे है प्रभु श्री राम।
मेरे मन में बसे है प्रभु श्री राम,
मेरे मन में बसे है प्रभु श्री राम॥

राम नाम का जाप करूँ मैं,
राम नाम का जाप करूँ मैं,
राम नाम है सबसे महान,
मेरे मन में बसे है प्रभु श्री राम॥

दशरथ नंदन कौशल्या के प्यारे,
दशरथ नंदन कौशल्या के प्यारे,
भक्तों के हैं ये रखवाले,
मेरे मन में बसे है प्रभु श्री राम॥

सीता के स्वामी लक्ष्मण के भैया,
सीता के स्वामी लक्ष्मण के भैया,
भवसागर से पार लगाये नैया,
मेरे मन में बसे है प्रभु श्री राम॥

हनुमत के प्रभु भक्त शिरोमणि,
हनुमत के प्रभु भक्त शिरोमणि,
राम नाम की महिमा जानी,
मेरे मन में बसे है प्रभु श्री राम॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'अहं ब्रह्मास्मि' की तर्ज पर 'राममय' होने का है। भक्त कहता है कि प्रभु श्री राम केवल बाहर की मूर्तियों में नहीं, बल्कि मेरे अंतर्मन में सदैव विराजमान हैं। "मन में बसे है प्रभु श्री राम" का अर्थ है कि साधक ने अपने हृदय को ही राम का मंदिर बना लिया है। जब हम राम नाम का जाप करते हैं, तो हम सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर उस परम सत्य की ओर अग्रसर होते हैं। दशरथ नंदन और कौशल्या के प्यारे कहकर भक्त प्रभु के मानवीय स्वरूप के प्रति अपना प्रेम प्रकट करता है, जबकि 'भवसागर से पार लगाये नैया' कहकर उनके तारक स्वरूप को नमन करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि भक्ति के लिए बाहरी आडंबरों से अधिक मन की शुद्धि और निरंतर स्मरण आवश्यक है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का स्वरूप: यह भजन 'दास्य भाव' और 'सख्य भाव' का सुंदर मिश्रण है।
  • मानसिक शांति: राम नाम का निरंतर स्मरण मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: यह भजन साधक को अहंकार से मुक्ति दिलाकर शरणागति की ओर ले जाता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: भारत के प्रत्येक घर में रामनवमी और दीपावली के अवसर पर इस भजन का गायन एक अनिवार्य परंपरा बन चुका है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, परंतु ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) और संध्या काल (सूर्यास्त के समय) में इसका गायन विशेष फलदायी होता है। इसे गाते समय मन में प्रभु श्री राम के दिव्य स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। यदि संभव हो, तो श्री राम रक्षा स्तोत्र के पाठ के उपरांत इस भजन को गाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
दशरथ नंदन महाराज दशरथ के पुत्र श्री राम का कुल परिचय
भवसागर संसार रूपी सागर जन्म-मरण का चक्र
भक्त शिरोमणि भक्तों में श्रेष्ठ हनुमान जी के लिए प्रयुक्त
रखवाले रक्षा करने वाले प्रभु का रक्षक स्वरूप

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मन में बसे है प्रभु श्री राम
आराध्य देव भगवान श्री राम
भाषा हिंदी
भाव शरणागति एवं प्रेम
उपयुक्त अवसर दैनिक पूजा, रामनवमी, सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

हाँ, प्रभु श्री राम के भजनों का गायन घर में सकारात्मकता और शांति लाता है।

राम नाम कलयुग में तारक मंत्र माना गया है, जो मन को शुद्ध करता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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