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Baba To Sabse Pyara Hai | बाबा तो सबसे प्यारा है | Khatu Shyam Ji Latest Bhajan | Vasundhara Goswami - BhaktiLok

112 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"बाबा तो सबसे प्यारा है" भजन खाटू श्याम जी की महिमा का एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी गुणगान है। वसुंधरा गोस्वामी द्वारा स्वरबद्ध यह भजन कलयुग के अवतारी देव 'बर्बरीक' यानी खाटू श्याम जी के प्रति भक्त के अनन्य प्रेम और पूर्ण समर्पण को व्यक्त करता है। सनातन धर्म में श्याम बाबा को 'हारे का सहारा' कहा गया है, और यह भजन इसी विश्वास को पुष्ट करता है कि संसार के समस्त दुखों और चिंताओं के बीच केवल श्याम प्रभु ही हैं जो जीवात्मा को अपना प्रेम और संरक्षण प्रदान करते हैं। यह भजन न केवल श्रोताओं को भक्ति के सागर में डुबो देता है, बल्कि मन में प्रभु के प्रति अटूट आस्था का संचार भी करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

बाबा तो सबसे प्यारा है, मेरा श्याम बड़ा ही प्यारा है,
इसकी महिमा जग से न्यारी, ये हारे का सहारा है।
जब-जब भी मैं घबराया हूँ, बाबा ने मुझे संभाला है,
मेरे जीवन की नैया का, इसने ही तो पतवार संभाला है।
बाबा तो सबसे प्यारा है...

दुनिया के सब रिश्ते नाते, मतलब के ही होते हैं,
श्याम के दर पर जो भी आता, वो कभी न रोते हैं।
इसकी आँखों में ममता है, ये प्रेम का सागर प्यारा है,
बाबा तो सबसे प्यारा है...

नीले घोड़े का असवार, मेरा बाबा बड़ा ही प्यारा है,
खाटू नगरी में बैठा, ये भक्तों का रखवाला है।
जो भी मांगे दिल से बाबा, वो झोली भर देता है,
अपने भक्तों के दुख-दर्द को, पल भर में हर लेता है।
बाबा तो सबसे प्यारा है, मेरा श्याम बड़ा ही प्यारा है।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ यह है कि भक्त अपने आराध्य खाटू श्याम जी को संसार में सबसे प्रिय मानता है। भक्त कहता है कि जब भी वह जीवन की कठिनाइयों में घबराता है, तब श्याम बाबा ही उसे संबल प्रदान करते हैं। संसार के रिश्ते स्वार्थ पर आधारित हो सकते हैं, लेकिन श्याम का प्रेम निस्वार्थ है। जो भी भक्त सच्चे मन से खाटू धाम जाता है, उसकी सभी चिंताएं दूर हो जाती हैं। यह भजन प्रभु की करुणा और उनके 'हारे का सहारा' होने के गुण को रेखांकित करता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन खाटू श्याम जी की महिमा का गुणगान करता है। इसमें 'नीले घोड़े के असवार' के रूप में प्रभु का चित्रण किया गया है, जो भक्तों के रक्षक हैं। यह भजन विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो मानसिक शांति और ईश्वरीय संरक्षण की तलाश में हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को एकादशी के दिन, श्याम बाबा की पूजा के समय या किसी भी सत्संग में गाया जा सकता है। इसे सुनते समय मन में प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव होना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
हारे का सहारा जो हारने वालों को जीत दिलाए श्याम बाबा का उपनाम
पतवार नाव को दिशा देने वाला जीवन रूपी नैया का रक्षक
असवार सवार होने वाला नीले घोड़े पर सवार श्याम

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम बाबा तो सबसे प्यारा है
आराध्य देव खाटू श्याम जी (बर्बरीक)
गायिका वसुंधरा गोस्वामी
विषय भक्ति और समर्पण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न: खाटू श्याम जी को 'हारे का सहारा' क्यों कहा जाता है?
    उत्तर: क्योंकि वे उन भक्तों की सहायता करते हैं जो जीवन में हार मान चुके होते हैं।
  • प्रश्न: क्या यह भजन किसी विशेष दिन सुनना चाहिए?
    उत्तर: इसे किसी भी दिन सुना जा सकता है, लेकिन एकादशी पर इसका विशेष महत्व है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह लेख खाटू श्याम जी के भक्तों की आस्था और भजन के भावों को ध्यान में रखकर लिखा गया है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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