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जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी (Jagdamba Ghar Mein Diyra Bar Aaini) - Sonam Raj - Bhaktilok

92 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी" एक अत्यंत भावपूर्ण और लोकप्रिय भोजपुरी देवी गीत है, जिसे सुरीली गायिका सोनम राज ने अपनी मधुर आवाज में पिरोया है। यह भजन माता रानी के प्रति अटूट आस्था और उनके आगमन की प्रतीक्षा का एक सुंदर चित्रण है। भोजपुरी लोक परंपरा में, जब भक्त अपने घर में अखंड ज्योति जलाता है, तो वह केवल एक दीपक नहीं, बल्कि अपने हृदय के प्रेम और श्रद्धा को माता के चरणों में समर्पित करता है। यह भजन नवरात्रि के पावन अवसर पर घर-घर में गूंजता है, जो वातावरण को भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। इस गीत के माध्यम से भक्त माता जगदम्बा को अपने घर में आमंत्रित करता है और उनसे अपने जीवन के अंधकार को मिटाने की प्रार्थना करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

(मुखड़ा)
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी,
हे माई, घर में दियरा बार अइनी,
आवा तs माई, दर्शन दs तू आपन,
तोहरे खातिर हम अरजी लगाइनी,
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी...

(अंतरा 1)
सोना के थाली में कपूर के बाती,
जगमग-जगमग करे दिन-राती,
फूलन के सेज हम सजाईनी,
हे माई, घर में दियरा बार अइनी...

(अंतरा 2)
भक्तन के भीड़ बाटे द्वार पर तोहार,
सबके तू माई करs बेड़ा पार,
तोहरे भरोसे हम आस लगाईनी,
हे माई, घर में दियरा बार अइनी...

(अंतरा 3)
सोनम राज के तू रखिहs तू लाज,
भक्तन के माई तू ही हउs सरताज,
तोहरे चरन में शीश झुकाईनी,
हे माई, घर में दियरा बार अइनी...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त कहता है कि "हे जगदम्बा, मैंने अपने घर में आपके स्वागत के लिए दीपक जलाया है।" यहाँ दीपक जलाना केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि भक्त के भीतर जल रही 'ज्ञान और भक्ति की ज्योति' का प्रतीक है। भक्त माता से आग्रह करता है कि वह उसके घर पधारें और उसे अपना दिव्य दर्शन दें।

भजन की पंक्तियों में 'सोना की थाली' और 'कपूर की बाती' का उल्लेख माता के प्रति भक्त के सर्वोच्च सम्मान को दर्शाता है। भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार माता की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। अंत में, भक्त अपनी रक्षा और कल्याण की प्रार्थना करते हुए माता को 'सरताज' (सर्वोच्च) मानता है और उनके चरणों में अपना शीश झुकाता है। यह समर्पण का भाव ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का स्वरूप: यह भजन सगुण भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ भक्त माता को एक सजीव शक्ति के रूप में अपने घर में आमंत्रित करता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: भोजपुरी अंचल में देवी गीतों का विशेष स्थान है। यह गीत लोक संस्कृति और शास्त्रीय भक्ति का सुंदर संगम है।
  • सकारात्मकता: इस भजन को सुनने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और मन में शांति का अनुभव होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को नवरात्रि के नौ दिनों में, विशेषकर संध्या आरती के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

  • समय: ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल।
  • विधि: माता की प्रतिमा या चित्र के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं, धूप-दीप अर्पित करें और फिर श्रद्धापूर्वक इस भजन का गायन करें।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
जगदम्बा जगत की माता (दुर्गा)
दियरा दीपक
बार अइनी जलाया है
अरजी प्रार्थना या विनती
सरताज सर्वोच्च या सिर का ताज

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी
गायिका सोनम राज
भाषा भोजपुरी
विषय माता दुर्गा की भक्ति
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, देवी पूजन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी भजन के गायक कौन हैं?

इस भजन को प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका सोनम राज ने अपनी मधुर आवाज में गाया है।

क्या यह भजन नवरात्रि में सुना जा सकता है?

हाँ, यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और देवी पूजन के लिए ही अत्यंत उपयुक्त है।

भजन का मुख्य संदेश क्या है?

भजन का मुख्य संदेश माता के प्रति पूर्ण समर्पण और उनके प्रति अटूट विश्वास है।

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संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री लोक परंपराओं, भोजपुरी भक्ति साहित्य और प्रचलित देवी गीतों के संकलन पर आधारित है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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