ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स (Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi) - Jai Lakshmi Ramna Ganesh Mantra - Bhaktilok
ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स (Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi) - Jai Lakshmi Ramna Ganesh Mantra -
ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स (Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi) -
ओम जय जगदीश हरेस्वामी जय जगदीश हरेभक्त जनों के संकटभक्त जनों के संकटक्षण में दूर करेओम जय जगदीश हरेजो ध्यावे फल पावेदुःख बिनसे मन कास्वामी दुःख बिनसे मन कासुख सम्पति घर आवेसुख सम्पति घर आवेकष्ट मिटे तन काओम जय जगदीश हरेमात पिता तुम मेरेशरण गहूं किसकीस्वामी शरण गहूं किसकीतुम बिन और न दूजातुम बिन और न दूजाआस करूं जिसकीओम जय जगदीश हरेतुम पूरण परमात्मातुम अन्तर्यामीस्वामी तुम अन्तर्यामीपारब्रह्म परमेश्वरपारब्रह्म परमेश्वरतुम सब के स्वामीओम जय जगदीश हरेतुम करुणा के सागरतुम पालनकर्तास्वामी तुम पालनकर्तामैं मूरख फलकामीमैं मूरख फलकामीकृपा करो भर्ताओम जय जगदीश हरेतुम हो एक अगोचरसबके प्राणपतिस्वामी सबके प्राणपतिकिस विधि मिलूं गोसाईकिस विधि मिलूं गोसाईतुमको मैं कुमतिओम जय जगदीश हरेदीन बन्धु दुःख हर्तातुम ठाकुर मेरेस्वामी तुम ठाकुर मेरेअपने हाथ उठाओअपने हाथ उठाओद्वार पड़ा तेरेओम जय जगदीश हरेविषय विकार मिटाओपाप हरो देवास्वामी पाप हरो देवाश्रद्धा भक्ति बढ़ाओश्रद्धा भक्ति बढ़ाओसन्तन की सेवाओम जय जगदीश हरेओम जय जगदीश हरेस्वामी जय जगदीश हरेभक्त जनों के संकटभक्त जनों के संकटक्षण में दूर करेओम जय जगदीश हरेओम जय जगदीश हरेओम जय जगदीश हरे
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स (Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi) - Jai Lakshmi Ramna Ganesh Mantra - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।
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