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Sita mata Bhajan

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये (Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics in hindi) - Bhaktilok

139 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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सीता राम सीता राम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये (Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics in hindi) - Bhaktilok


 सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये


मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में,

मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में,

नहिं तू अकेला प्यारे राम तेरे साथ में,

विधि का विधान जान,

विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा,

किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा,

होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा,

फल आशा त्याग शुभ काम करते रहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के,

ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के,

महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे,

धन्यवाद निर्विवाद,

धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे,

आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे,

नाता एक रामजी से दूजा नाते तोड़ दे,

साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये,


🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "सीता राम सीता राम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये (Sita Ram Sita Ram Kahiye Lyrics in hindi) - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

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सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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