सूर्य अमृतवाणी लिरिक्स (Surya Amritavani Lyrics in Hindi) -
सूर्य नारायण देवता देव हो तुम साकारअद्भुत तेज को आपके नमन है सौ सौ बारसात घोड़ों के रथ पर आते हो असवारपूर्व दिशा से आए थे प्रकाशित हो संसारस्वर्ण मुकुट है शीश पर तिलक लगा है भायअद्भुत अनुपम तेज है गल मुक्तअन की मालसोने जैसी आभा है पीतांबर परी धामनवग्रहों में श्रेष्ठ हैं सूरज देव भगवानहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2भानु दिवाकर भास्करा सृष्टि के आधारआपकी ऊर्जा से हो सृष्टि में संचारआपके आते ही प्रभु अंधियारा मिट जाएदीप उजाले का प्रभु जीवन में जल जाएआग चढ़ाकर आपको भक्ति मन जग जाएनाम जपे जो आपका सुख समृद्धि पाएसृष्टि सारी आपका मान रही आभारआप की किरणें कर रही शक्ति का संचारहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2रोली अक्षत और जल से जो भी अर्घ चढ़ाएंतम अंधेरा नाश हो मन में उजाला आएपर्यावरण का संतुलन भानु रखते आपदिनकर देवा आप ही हरते सब संतापसंध्या छाया आपकी पत्नियां है कहलाएशनी यम यमुना आपके पुत्र पुत्री है कहांएरत्न जड़ित सिंहासन पे देवा रहे विराजसभी शक्तियों के प्रभु आप ही हो सरताजहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2सूर्य देव तुमने किए दैत्य असुर संघारसंत भक्तों को आपने भव से लगाया पाररविवार प्रिय मानते रवि जो अर्घ चढ़ाएंजीवन में सुख भोग के अंत वैकुंठ को जाएनवग्रह देवा आपकी परिक्रमा है लगाएंआपके तेज को है प्रभु शक्ति सब है पाएलोभ मोह का अंधियारा दे दिन कर दो हटाएपाप ताप संताप से हमको लेना बचाएहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2मन में प्रभा जगाइए हे प्रभाकर देवनमन मेरा स्वीकार करो हे प्रभु दिनकर देचांद सितारे नवग्रह धरती और आकाशआपके ही आधीन हैं है सब आपके दासपवन पुत्र ने आपके चरणन शीश नवाएफिर हनुमत को आपने शिष्य था लिया बनाएंशनि देव जी आपके पुत्र परम है कहांएपरम विरोधी आपके शनिदेव कहलाएहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2त्रिलोकी में आप ही भानु करते राजभक्त जनों की राखते दिनकर देवा लाजउपकारी परम प्रभु करते सदा उपकारपूजन आपका कर रहा यह सारा संसारगुड मीठे के भोग को आप करें स्वीकारझोली फैलाए आए जो करते बेड़ा पारपुत्र हीन कोई आपको जल का अर्घ चढ़ाएंसंतानों का सुख उसे तुरंत प्रभु मिल जाएहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2बारह नाम उच्च आर्य सब पातक मिट जाएमानव जीवन शुद्ध हो सूर्य कृपा मिल जाएअष्ट सिद्धि नवनिधि मिले जीवन सूर्य समानसूरज के आशीष से पाय मनूज सम्मानअंधकार जग का हरे आप भरे प्रकाशसृष्टि संतुलित करें श्री भानु महाराजदिनकर श्री दिनेश जी जगत पिता रविराजभक्तन के प्रतिपाल हो भक्तन के सरताजहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2लोक गुरु भगवान हैं सूर्यदेव जग प्राणसूर्य मंत्र जो नित्य जपे पा जाता धन धानगायत्री के मंत्र को प्रिय माने रविराजमंत्र जो मन से यह जपे पाता सुख का काजसूर्य आसन लगाइए सूर्य देव का ध्यानसूर्य देव कृपा करें देत तत्व का ज्ञानरोग दोष सब नेक के मनुज को स्वस्थ बनाएसुख कभी मुख मोड़े ना सूर्य कृपा मिल जाएहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2भक्त सूर्य भगवान की मन से करो पूजाजीवन ज्योतिर्मयी बने ऐसा देव ना दूजाप्रातः काल उठकर सदा सूर्य को करो प्रणामजीवन में बन जाएंगे सगरे बिगड़े कामसूर्यदेव ही नित्य करें मंगल यहां प्रभावरोशन सारा जग हुआ मिटी अंधेरी रातजगमग सब संसार करें कण-कण को चमकाएसूर्य देव को पूजिए मुक्ति फल मिल जाएहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2मेरे जीवन में भरा पापों का अंधियारगम का दिनकर नाश करो कर दो प्रभु उजियारहिरण्यगर्भ भगवान की करिए जय जय कारप्रभु प्रभाकर कर देंगे भव से बेड़ा पारमार्तंड के स्वामी हैं भुवन भास्कर देवइनको अर्घ चढ़ाईए कीजै इनकी सेचंदन का वंदन प्रभु कर लीजिए स्वीकारतम अंधियारा दूर करें भर देते उजियारहे सूर्य देव भगवान करते जग कल्याण -2
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
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