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तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे (Haathon Se Sajaaun Mere Saanware Lyrics in Hindi) - Pankaj Aggarwal Shyam Bhajan - BhaktiLok

43 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्याम भजन

तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे (Haathon Se Sajaaun Mere Saanware Lyrics in Hindi) - Pankaj Aggarwal Shyam Bhajan

अपडेटेड: मार्च 2026 गायक: पंकज अग्रवाल श्रेणी: खाटू श्याम भजन

कलयुग के धनी, हारे के सहारे और तीन बाण धारी बाबा खाटू श्याम की महिमा का गुणगान करने वाले लोकप्रिय भजनों में "तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी रचना है। सुप्रसिद्ध भजन गायक पंकज अग्रवाल द्वारा अपनी मधुर और सधी हुई आवाज में गाया गया यह भजन श्याम प्रेमियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। इस भजन के माध्यम से एक भक्त की अपने इष्ट खाटू श्याम के प्रति अनन्य भावना, वात्सल्य प्रेम और उनके श्रृंगार के प्रति समर्पण को अत्यंत सुंदर शब्दों में पिरोया गया है। जब कोई साधक या खाटू श्याम का प्रेमी इस भजन को सुनता है या गाता है, तो उसका अंतर्मन बाबा के दरबार की अलौकिक सुंदरता और प्रेम रस में डूब जाता है। इस विस्तृत लेख में हम इस पावन भजन के संपूर्ण बोल (Lyrics), अर्थ, भावार्थ, और इसके आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे, ताकि भक्त जन शुद्ध उच्चारण के साथ इस संकीर्तन का आनंद ले सकें।

मुख्य जानकारी

  • भजन का नाम: तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे (Haathon Se Sajaaun Mere Saanware)
  • गायक / कलाकार: पंकज अग्रवाल (Pankaj Aggarwal)
  • आराध्य देव: श्री खाटू श्याम बाबा (भगवान श्री कृष्ण के कलयुगि अवतार)
  • विषय / भाव: सांवरे का श्रृंगार, वात्सल्य प्रेम और अनन्य शरणागति
  • भाषा: सरल हिंदी / ब्रज-अवधि मिश्रित भाव

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

॥ स्थायीय एवं मुखड़ा ॥

तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे,

तुझे गले से लगाऊँ मेरे सांवरे... ओ सांवरे!

॥ प्रथम अंतरा ॥

मेरे खाटू वाले बाबा, तेरी शान निराली है,

तेरी एक झलक पाने को दुनिया मतवाली है।

आज दिल की बात मैं तुझको बतलाऊँ,

तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे...

॥ द्वितीय अंतरा ॥

फूलों के हार लाऊँ, चन्दन महकाऊँ,

अपने हाथों से तुझे मैं तिलक लगाऊँ।

तेरा रूप निहारूँ और पलकें झुकाऊँ,

तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे...

॥ तृतीय अंतरा ॥

तू मेरा हमदर्द है, तू ही मेरा मीत है,

तेरे चरणों में ही मेरी जीत ही जीत है।

तेरी सेवा में अपनी उम्र बिताऊँ,

तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे...

॥ समापन चरण ॥

पंकज ये गाए भजन, श्याम तेरी महिमा,

तेरी कृपा का बाबा, कोई नहीं सीमा।

मैं तो दर पे तेरे उम्र भर आऊँ,

तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

भजन की पंक्तियां केवल शब्द मात्र नहीं हैं, बल्कि यह एक भक्त के हृदय की वे गूंज हैं जो भगवान के प्रति उसके अगाध प्रेम को दर्शाती हैं। "तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे" भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। इसमें भक्त भगवान को केवल एक पूज्यनीय शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि अपने सखा, अपने प्रियतम और अपने जीवन के सर्वस्व के रूप में देखता है।

मुखड़े में भक्त कहता है कि हे मेरे सांवरे! मेरी तीव्र इच्छा है कि मैं अपने हाथों से तुम्हारा श्रृंगार करूँ, तुम्हें फूलों और मोतियों से सजाऊँ और तुम्हें अपने हृदय से लगा लूं। यह भाव दास्य और सख्य भक्ति का अद्भुत समन्वय है। आगे के अंतरों में गायक पंकज अग्रवाल जी वर्णन करते हैं कि खाटू वाले बाबा की महिमा सारे संसार में निराली है। उनके दर्शन मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्त भगवान से कहता है कि हे प्रभु, आज मेरा मन है कि मैं अपने हाथों से चंदन का तिलक लगाऊँ, सुंदर पुष्प माला पहनाऊँ और तुम्हारे उस अलौकिक रूप को एकटक निहारता रहूँ। इस प्रकार यह भजन साधक के अंतर्मन को संसार की मोह-माया से हटाकर केवल श्याम चरणों में लीन कर देता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

खाटू श्याम बाबा की आराधना में गाए जाने वाले इस भजन का सनातन संस्कृति और श्याम भक्तों के बीच विशेष स्थान है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • वात्सल्य और प्रेम रस: इस भजन में ईश्वर के प्रति भय का भाव नहीं, बल्कि प्रेम, अधिकार और वात्सल्य का अनूठा भाव झलकता है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का श्रवण करने से मन की व्याकुलता शांत होती है और अगाध मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
  • कीर्तन और संकीर्तन का आनंद: खाटू श्याम जी के मंदिरों, फाल्गुनी मेलों, और घर-घर होने वाले श्याम संकीर्तन में यह भजन विशेष रूप से गाया जाता है।
  • शरणागति का संदेश: भजन सिखाता है कि मनुष्य को अपने अहंकार को त्यागकर पूर्ण रूप से प्रभु की शरण में आ जाना चाहिए।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए उचित समय और विधि का होना आवश्यक है। इस भजन को निम्नलिखित अवसरों पर गाया और सुना जा सकता है:

  • दैनिक पूजा के समय: प्रातःकाल या संध्याकाल में जब आप घर के मंदिर में दीपक जलाएं, तब इस भजन को धीमे स्वर में बजा सकते हैं या गुनगुना सकते हैं।
  • श्याम संकीर्तन एवं जागरण: रात्रि के समय जब खाटू श्याम जी का दरबार सजता है और संकीर्तन का आयोजन होता है, तब यह भजन वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना देता है।
  • विशेष तिथियां: एकादशी, द्वादशी और फाल्गुन मास के पावन मेलों के दौरान इस भजन का गान विशेष फलदायी माना जाता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / भाव
सांवरे श्याम वर्ण वाले, श्री कृष्ण खाटू श्याम बाबा के लिए आत्मीय संबोधन
शानों निराली सबसे अलग और अलौकिक महिमा बाबा की अद्वितीय शक्ति और स्वरूप
मतवाली मस्त, विह्वल, प्रेम में डूबी हुई भक्तों का उत्साह और दीवानापन
हमदर्द दुख-सुख में साथ देने वाला साथी भगवान का मित्रवत रूप

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

विशेषता विवरण
भजन का शीर्षक तुझे हाथों से सजाऊँ मेरे सांवरे (Haathon Se Sajaaun Mere Saanware)
गायक कलाकार पंकज अग्रवाल (Pankaj Aggarwal)
प्रमुख देवता श्री खाटू श्याम बाबा (श्याम बाबा / बर्बरीक जी)
संगीत शैली भक्ति संगीत / श्याम भजन
मुख्य भाव प्रेम, श्रृंगार, भक्ति और शरणागति
उपयुक्त अवसर श्याम संकीर्तन, एकादशी पूजा, जागरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह प्रसिद्ध श्याम भजन लोकप्रिय भजन गायक पंकज अग्रवाल द्वारा गाया गया है। उनकी मधुर आवाज में यह भजन भक्तों के बीच अत्यधिक सराहा गया है।

खाटू श्याम बाबा महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक जी हैं, जिन्हें भगवान श्री कृष्ण ने कलयुग में अपने नाम 'श्याम' से पूजे जाने का वरदान दिया था। उन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है।

यह भजन श्याम बाबा के जागरण, मासिक एकादशी उत्सव, फाल्गुन मेले और घर पर होने वाले संकीर्तन के दौरान मुख्य रूप से गाया और सुना जाता है।

हाँ, इस लेख में संपूर्ण भजन के बोल शुद्ध देवनागरी लिपि (हिंदी) में उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आप इसे आसानी से पढ़ सकें और गा सकें।

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संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

यह लेख पारंपरिक भक्ति साहित्य, लोक संकीर्तन परंपरा और उपलब्ध ऑडियो-वीडियो संदर्भों के आधार पर पाठकों की आध्यात्मिक सहायता के लिए तैयार किया गया है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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