Katha Maa Chandraghanta Ki

ये है आयोध्या नगर रामचंद्र का घर लिरिक्स (Ye Hai Ayodhya Nagar Ramchandra Ka Ghar Lyrics in Hindi) - Shri Ram Bhajan Nazia chahat - Bhaktilok

74 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "ये है आयोध्या नगर रामचंद्र का घर" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र और उनकी जन्मभूमि अयोध्या की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन न केवल एक भक्ति गीत है, बल्कि यह सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए साकेत धाम की उस दिव्य चेतना का स्मरण है, जहाँ प्रभु राम का वास है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे अयोध्या की पावन गलियों और सरयू के तट की शांति से जोड़ते हैं। जब जीव सांसारिक प्रपंचों से थककर प्रभु के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म, सत्य और मर्यादा के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है। यह भजन विशेष रूप से राम नवमी, दीपावली और प्रभु राम के उत्सवों के अवसर पर अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया जाता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

ये है अयोध्या नगर, रामचंद्र का घर,
जहाँ बहती है सरयू की धारा, जहाँ राम का है वास प्यारा।
ये है अयोध्या नगर, रामचंद्र का घर॥

मर्यादा के प्रतीक हैं राम, सत्य का है जिनमें धाम,
दुखियों के जो दुख हरते, भक्तों के जो कष्ट मिटाते।
ये है अयोध्या नगर, रामचंद्र का घर॥

कौशल्या के नंदन प्यारे, दशरथ के कुल के उजियारे,
सीता संग विराजे प्रभु, भक्तों के मन को भाते।
ये है अयोध्या नगर, रामचंद्र का घर॥

राम नाम की महिमा भारी, भवसागर से पार उतारे,
जो भी आए शरण में उनकी, प्रभु उसको अपनाते।
ये है अयोध्या नगर, रामचंद्र का घर॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या की दिव्यता और प्रभु के प्रति शरणागति पर आधारित है। भजन की पंक्तियाँ हमें यह बताती हैं कि अयोध्या केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक केंद्र है जहाँ मर्यादा पुरुषोत्तम राम का वास है। सरयू नदी की पवित्र धारा यहाँ की शुद्धता का प्रतीक है। भजन में प्रभु को 'मर्यादा का प्रतीक' और 'सत्य का धाम' कहा गया है, जो हमें जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जब हम कहते हैं कि "प्रभु उसको अपनाते हैं", तो इसका अर्थ है कि जो भक्त पूर्ण समर्पण के साथ राम नाम का आश्रय लेता है, प्रभु उसे भवसागर (संसार के दुखों) से पार लगा देते हैं। यह भजन भक्त के हृदय में प्रभु के प्रति प्रेम और विश्वास को जागृत करता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • आध्यात्मिक केंद्र: यह भजन अयोध्या की महिमा को केंद्र में रखकर प्रभु राम के प्रति भक्ति भाव जगाता है।
  • मर्यादा का संदेश: प्रभु राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में स्मरण करना हमें जीवन में अनुशासन और नैतिकता की सीख देता है।
  • सरलता: भजन की भाषा अत्यंत सरल और हृदयस्पर्शी है, जिससे कोई भी भक्त इसे आसानी से गा सकता है।
  • मानसिक शांति: राम नाम का निरंतर स्मरण और अयोध्या का ध्यान करने से मन को असीम शांति मिलती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, परंतु ब्रह्म मुहूर्त या संध्या वंदन के समय इसका गायन विशेष फलदायी होता है। इसे मंदिर में पूजा के दौरान, सत्संग में या घर पर दीप प्रज्वलित करके गाना चाहिए। गायन से पूर्व प्रभु श्री राम, माता सीता और हनुमान जी का ध्यान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

भजन की मुख्य जानकारी | Bhajan Quick Information

विवरण जानकारी
भजन का नामये है अयोध्या नगर रामचंद्र का घर
आराध्यभगवान श्री रामचंद्र
मुख्य भावभक्ति, शरणागति, मर्यादा
भाषाहिंदी
उपयुक्त अवसरराम नवमी, दीपावली, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

राम नाम कलयुग में मोक्ष का सबसे सरल और प्रभावी साधन माना गया है। यह मन को शुद्ध करता है और प्रभु से जोड़ता है।

अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है, जिसे मोक्षदायिनी सप्तपुरियों में से एक माना जाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्ति परंपराओं और रामचरितमानस के सिद्धांतों के आधार पर तैयार की गई है। भजन के बोल और भावार्थ भक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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